टेंडर अवधि समाप्त होने के बावजूद शहर में अवैध रूप से लगाए गए पोल कियोस्क के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को निगम की टीम ने विभिन्न इलाकों में 250 से अधिक पोल कियोस्क उखाड़ दिए। लगातार दूसरे दिन की कार्रवाई से अवैध विज्ञापन कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि शहर में निगम की ओर से 1300 पोल कियोस्क निर्धारित हैं लेकिन वर्तमान में किसी भी विज्ञापन कंपनी को इनका वैध टेंडर आवंटित नहीं है। इससे पहले देहरादून की एक विज्ञापन कंपनी को 33 लाख रुपये में पोल कियोस्क का ठेका दिया गया था जिसकी अवधि 31 अक्तूबर 2025 को समाप्त हो चुकी है।
अब फिर से ई-टेंडर जारी किया गया है जिसमें कई कंपनियों ने भागीदारी की है लेकिन अभी किसी भी कंपनी के नाम पर टेंडर नहीं है। बावजूद इसके शहर पोल कियोस्क से अटा पड़ा है। विज्ञापनों की भरमार है। इसमें स्कूलों के भी सैकड़ों विज्ञापन के बोर्ड टंगे दिखाई दे रहे हैं।
नगर निगम को अवैध विज्ञापनों के जरिये लाखों रुपये की चपत लगाई जा चुकी है। मंगलवार को कर अधिकारी गिरीश सेमवाल के नेतृत्व में निगम की टीम ने बोर्ड उतारने का अभियान शुरू किया था। पहले दिन करीब 300 पोल कियोस्क हटाए गए। बुधवार को भी जेसीबी की मदद से विभिन्न क्षेत्रों से 250 से अधिक पोल कियोस्क उखाड़े गए। वरिष्ठ कर निर्धारण अधिकारी एसपी गुप्ता ने बताया कि शहर भर से अवैध बोर्ड हटाए जाने तक अभियान जारी रहेगा। कार्रवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।
विज्ञापन बोर्ड को उतारती नगर निगम की टीम – स्वयं

विज्ञापन बोर्ड को उतारती नगर निगम की टीम – स्वयं
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