Madhav Tiger Reserve: शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ से लाए गए नए मेहमान को सुबह 4 बजे छोड़ा गया. ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल से यह अभियान सफल रहा. अब जंगल सफारी का मजा कई गुना बढ़ने वाला है. जानें सब… रिपोर्ट: आशीष पांडेय
शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में एक बार फिर खुशखबरी है. यहां टाइगरों की संख्या बढ़ाने का काम जारी है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर चल रहे इस अभियान के तहत इस बार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक और मादा टाइगर लाई गई है. शनिवार सुबह करीब 4 बजे इस मादा टाइगर को शिवपुरी टाइगर रिजर्व की मध्य रेंज में खुले जंगल में छोड़ा गया. इसके साथ ही शिवपुरी रिजर्व में मादा टाइगरों की संख्या चार हो गई.

बाहर से लाकर शिवपुरी में बसाए गए टाइगरों की कुल संख्या अब 6 हो गई है. इससे पहले 10 मार्च 2023 को एक साथ दो टाइगर छोड़े गए थे. कुछ दिनों बाद तीसरी टाइगर लाई गई थी. साल 2025 में गर्मियों के दौरान दो टाइगर पहले ही छोड़े जा चुके हैं. अब बांधवगढ़ से आ रही इस मादा टाइगर के बाद इस साल यह संख्या तीन हो जाएगी.

बांधवगढ़ से एक मादा टाइगर का रेस्क्यू किया गया है. शनिवार सुबह इसे शिवपुरी की मध्य रेंज में छोड़ा गया. योजना अचानक बनी है और सुबह करीब 4 बजे टाइगर को जंगल में रिलीज किया गया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई मादा बाघ को शनिवार सुबह शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व की मध्य रेंज में छोड़ा गया. जैसे ही पिंजरे का दरवाजा खोला गया, मादा टाइगर तेजी से बाहर निकली और बिना रुके जंगल की गहराई में ओझल हो गई. सुबह करीब 4 बजे हुए इस रेस्क्यू और रिलीज ऑपरेशन को पूरी सतर्कता के साथ अंजाम दिया गया.

बता दें कि दो साल पहले लाई गई पहली मादा टाइगर एमटी-3 ने दो शावकों को जन्म दिया था. सितंबर 2024 में टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इसकी जानकारी भी साझा की थी. अब ये शावक बड़े हो चुके हैं. वहीं, 10 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पन्ना की एक बाघिन को कोटा बीट में छोड़ा था. इसके साथ ही शिवपुरी को आधिकारिक तौर पर टाइगर रिजर्व की सौगात मिली थी. इसके बाद 3 अप्रैल 2025 को बांधवगढ़ से लाए गए नर टाइगर एमटी-5 को भी इसी क्षेत्र में छोड़ा गया.

शिवपुरी टाइगर रिजर्व की मध्य रेंज में बांधवगढ़ से लाई गई मादा बाघ को पिंजरे से जंगल में छोड़ा गया. जैसे ही पिंजरे का दरवाजा खुला, बाघिन ने तेजी से जंगल की ओर दौड़ लगाई. वन अधिकारियों के अनुसार बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है और नए वातावरण में जल्दी अनुकूल हो रही है. यह सफल रेस्क्यू और रिलीज ऑपरेशन रिजर्व में बाघों की संख्या को और मजबूत करता है. स्थानीय वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.