हिमाचल प्रदेश के शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में मरीज से मारपीट का विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है. सरकार ने आरोपी डॉक्टर राघव नरूला को नौकरी से निकाल दिया है. वहीं, अब डॉक्टरों की एसोशिएसन ने रणनीति बनाई है और सीएम से मुलाकात की बात कहते हुए गेट मीटिंग की है.
जानकारी के अनुसार, गुररुवार को रेजिडेंट डॉक्टर ने सुबह 10:30 बजे गेट मीटिंग की. इस मीटिंग में आरोपी डॉक्टर पर एकतरफा कार्रवाई करने को लेकर नाराजगी जाहिर की गई. इस दौरान फिलहाल आईजीएमसी में सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया गया. वहीं, अब इस मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे.
आरडीए प्रेजिडेंट सोहिल शर्मा ने बताया, ‘गेट मीटिंग में फैसला लिया गया कि अभी आपातकाल वार्डों, जनरल वार्डों और ओपीडी में सेवाएं जारी रखेंगे. रेजिडेंट डॉक्टर की वरिष्ठ डॉक्टर एसोसिएशन के साथ बैठक के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर का दल इस मामले को लेकर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेगा’.”
विवाद के बाद किया था समर्थन
इस मामले को लेकर 22 दिसंबर को जिस दिन यह मारपीट हुई थी, उस दिन भी डॉक्टरों की एसोशिएशन ने आरोपी डॉक्टर का समर्थन किया था और कहा था कि मरीज ने उनके साथ बदसलूकी की थी और कार्यवाही की मांग की थी.
सीएम ने कहा था कि सबकी बात सुनेंगे
इस विवाद पर सीएम ने गुरुवार को रिज मैदान पर मीडिया से बातचीत की कि डॉक्टरों की बात भी सरकार सुनेगी. उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने गलती की थी और इसी वजह से उसे नौकरी से निकाला गया है. सीएम ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा भी सरकार सुनिश्चित करेगी.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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