अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ज़्यादातर अधिकारी बाहरी राज्यों से ही हैं और उन्हें ऐसा नहीं लगता कि कोई अधिकारी किसी तरह की परेशानी कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी अधिकारी लीगल काम को तो नहीं रोकते हैं.
सुक्खू सरकार में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अधिकारी सरकार के स्तंभ के तौर पर काम करते हैं. वे किस राज्य से संबंध रखते हैं, यह कोई मायने नहीं रखता. अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि साल 2016 के बाद तो प्रदेश में कोई नई आईएएस अधिकारी भी नहीं आए हैं. यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास करने के बाद आईएएस और आईपीएस अधिकारी मानते हैं. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वाले अधिकारी भी बाहरी राज्यों में काम कर रहे हैं. अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश ख़राब वित्तीय हालात से गुज़र रहा है. मुख्यमंत्री किस तरह वित्तीय प्रबंधन कर रहे हैं, यह सभी जानते हैं. अधिकारियों के ख़िलाफ़ इस तरह का बयान देना सही नहीं है. मंत्रियों को अधिकारियों से काम करवाना आना चाहिए.
नेगी ने भी कहा था गलत
गौरतलब है कि इससे पहले, बुधवार को कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी विक्रमादित्य सिंह के बयान को गलत कहा था. उन्होंने कहा था कि विक्रमादित्य सिंह का बयान गलत है. उन्हें ऐसे अधिकारियों के नाम बताने चाहिए थे. नेगी ने कहा कि कई ऐसे अधिकारी हैं, जो बाहरी राज्यों से हैं और अच्छा काम कर रहे हैं. ऐसे बयानों से अधिकारी हतोत्साहित होते हैं. बाग़वानी मंत्री ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस अधिकारी की बात कर रहे हैं. वहीं, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था कि विक्रमादित्य सिंह ने यह टिप्पणी किस संदर्भ में की है. कई बार बयान सुनने या पढ़ने के बाद ही उसका सही अर्थ स्पष्ट होता है.
विक्रमादित्य सिंह के बयान पर जयराम ने सरकार को घेरा
उधर, इस पूरे बूयान पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरा और कहा कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल और दिशाहीन करार दिया है. उन्होंने मंत्रियों के बीच आपसी समन्वय के अभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार में पूरी तरह से अंतर्विरोध की स्थिति बनी हुई है, जहां एक मंत्री आईएएस अधिकारियों को नसीहत देता है तो दूसरा उसे ‘स्वीपिंग स्टेटमेंट’ बताकर सार्वजनिक रूप से काट देता है, जो स्पष्ट करता है कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को ही नीचा दिखाने और निपटाने की राजनीति में व्यस्त हैं. उन्होंने कहा कि जो सवाल पूर्व में उप मुख्यमंत्री और आज मंत्री उठा रहे हैं.डाउटफुल इंटीग्रिटी वाले अधिकारियों के जिम्मे में मुख्यमंत्री ने पूरी सरकार सौंप दी है.
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