Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला के नेष्ट्र गांव में पानी के टैंकों में डर्मिट मिलाकर 200 लोगों को मारने की साजिश हुई, आदर्श शर्मा की सतर्कता से जानें बचीं. पुलिस जांच में जुटी है. पानी के सैंपलों में दवा मिलने की पुष्टि हुई है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है.
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है.
जानकारी के अनुसार, शिमला के रोहड़ू के टिक्कर इलाके ब्रेष्टू गांव का यह मामला है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.बताया जा रहा है कि यहां पर 30 घरों में 200 लोग रहते हैं. दरअसल, कीटनाशक दवा ‘डर्मिट’ सेब की फसल को कीटों से बचाती है और यह पानी में मिली पाई गई है. आगर इस दवा को कोई गलती से भी पी ले तो जान तक जा सकती है.
रविवार को यह घटना पेश आई थी. ब्रेष्टू गांव के आदर्श शर्मा ने पानी पीने के लिए नल खोला तो पानी से अजीब से गंध आने लगी. उन्होंने लोगों और जल शक्ति विभाग को इस बाबत सूचना दी. आनन फानन में जल शक्ति विभाग ने पानी का टैंक खाली कर दिया और लोगों को भी सचेत किया. जल शक्ति विभाग के एसडीओ भूपेंद्र कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया कि पानी में सेब की दवाई होने के प्रमाण मिले हैं.
पुलिस को शिकायत दी और केस दर्ज
युवक ने बताया कि घटना के दौरान वह खाना खा रहे थे. पानी से अजीब गंध आ रही थी और उन्होंने लोगों को इस बारे में बताया और गंध के बारे में पूछा तो पता चला कि सभी घरों में ऐसा ही हो रहा है. सोमवार को पानी के सैंपल की रिपोर्ट में जहरीली दवा की पुष्टि हुई. आर्दन ने ही बाद में पुलिस को शिकायत दी और केस दर्ज करवाया. एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और केस दर्ज कर लिया गया है.
पूर्व मंत्री ने आर्दश का जताया आभार
शिमला से पूर्व भाजपा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि रोहड़ू उपमंडल के शिमला जिला स्थित बरेस्तू गांव में हाल ही में पेयजल स्रोत को दूषित करने की एक गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना सामने आई है. गांव के जल टैंक से आ रहे पानी में तेज रासायनिक गंध महसूस होने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत सतर्कता दिखाई। सूचना मिलते ही जल शक्ति विभाग ने पानी की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी, टैंक और पाइपलाइन की जांच की तथा सैंपल जांच के लिए भेजे. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पानी में कीटनाशक जैसे किसी रसायन की आशंका जताई जा रही है. समय रहते उठाए गए कदमों के कारण संभावित स्वास्थ्य संकट टल गया.
यह घटना अत्यंत दुर्भावनापूर्ण, निंदनीय और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत है. मैं पुलिस प्रशासन से निवेदन करता हूँ कि जांच के दौरान सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि इस घृणित कृत्य के पीछे छिपे उद्देश्य का पता लगाया जा सके तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही, मैं विशेष रूप से आदर्श शर्मा जी का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने समय रहते पानी में आ रही असामान्य गंध को पहचानकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को सचेत किया। उनकी सतर्कता और जागरूकता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और पूरे गांव को संभावित खतरे से बचाया जा सका। उनका यह सराहनीय कदम समाज के लिए प्रेरणादायक है.
About the Author

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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