हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश ने पोक्सो मामले में आरोपी भाजपा विधायक हंसराज को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली एक याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। मामले की रिकॉर्ड की जांच के दौरान यह सामने आया कि प्रतिवादी हंसराज का पक्ष रख रहे अधिवक्ता न्यायाधीश के संबंधी हैं। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि चूंकि प्रतिवादी हंसराज के वकील उनके रिश्तेदार हैं।
इसलिए उनके लिए इस मामले की सुनवाई करना पूरी तरह से अनुचित होगा। उन्होंने निष्पक्ष न्याय और न्यायिक गरिमा को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया। उन्होंने इस मामले को मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया है, जिससे वह इसे किसी अन्य खंडपीठ को सौंप सकें। उल्लेखनीय है कि पोक्सो मामले में हंसराज को मिली अग्रिम जमानत को पीड़िता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। स्पेशल पोक्सो कोर्ट चंबा ने 27 नवंबर को आरोपी को जमानत दे दी थी।
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