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Sem Fungus Natural Solution: सेम में अक्सर फफूंद लगने की समस्या होती है, इसके घरेलू उपाय के रूप में फिटकरी का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे केमिकल की तुलना में नुकसान ना के बराबर होता है और फलियां अधिक आती हैं. कैसे इसका प्रयोग करना है जानते हैं.
कोडरमा. काफी कम जगह में आसानी से उगने वाली सेम फाइबर, विटामिन और कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है. इसकी बेल तेजी से बढ़कर बड़े आकार में फैल जाती है और एक ही पौधे से काफी मात्रा में फलियां मिलती हैं. यही कारण है कि शहर और गांव दोनों जगह लोग अपने घरों की छत, आंगन या बालकनी में सेम उगाना पसंद करते हैं. लेकिन मौसम में बदलाव, खासकर नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सेम के फूल और फलियों में फंगस लगने की समस्या सामने आने लगती है.
केमिकल स्प्रे से फूल और फली को पहुंचता है नुकसान
किसान अनूप कुमार ने घरेलू और सस्ता उपाय बताया है. उन्होंने बताया कि फूलों और फलियों पर फफूंद लगने से न केवल उत्पादन घटता है. बल्कि कई बार पूरा पौधा प्रभावित हो जाता है. ऐसे में कई लोग केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसका सीधा छिड़काव फूलों पर करने से फूल झड़ सकते हैं. फलियां काली पड़ सकती हैं और स्वाद भी खराब हो सकता है. साथ ही रासायनिक दवाओं का ज्यादा उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है.
पौधों के लिए प्राकृतिक दवा के रूप में काम करती है फिटकरी
कोडरमा में खेती से जुड़े अनूप कुमार ने बताया कि उनके घर में पिछले करीब 30 वर्षों से खेती की जा रही है. उनके दादा और पिता भी खेती के काम से जुड़े रहे हैं. उनका परिवार शुरू से ही सेम के फूल और फलियों को सुरक्षित रखने के लिए फिटकरी के घोल का उपयोग करता है. उन्होंने बताया कि फिटकरी प्राकृतिक दवा की तरह काम करती है जो कीटाणु और फंगस को नियंत्रित करने में मदद करती है.
ऐसे तैयार करें घोल और ऐसे करें उपयोग
उन्होंने बताया कि 1 लीटर साफ पानी में लगभग 2 से 5 ग्राम फिटकरी का पाउडर डालकर रात भर भिगो दें. सुबह यह घोल उपयोग के लिए तैयार हो जाएगा. तैयार घोल को एक स्प्रे बोतल में भर लें. इसके बाद पौधे की पत्तियों के ऊपर और नीचे अच्छी तरह छिड़काव करें. खास ध्यान दें कि जहां कीड़े या फंगस के लक्षण दिखाई दे रहे हों, वहां घोल अच्छी तरह पहुंचे.
जरूरत हो तो थोड़ा सा घोल जड़ों में भी डाला जा सकता है. ताकि मिट्टी में मौजूद फफूंद और कीटाणु भी खत्म हो सकें. उन्होंने बताया कि नियमित अंतराल पर हल्का छिड़काव करने से पौधे स्वस्थ रहते हैं. फूल कम झड़ते हैं और फलियों की संख्या में वृद्धि होती है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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