केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए जा रहे बदलावों के विरोध में अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी ने नसीराबाद में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और मनरेगा श्रमिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
सत्याग्रह का नेतृत्व विधायक और कांग्रेस नेता ने किया
सत्याग्रह की अगुवाई अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी तथा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे शिवप्रकाश गुर्जर ने की। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और मनरेगा श्रमिक उपस्थित रहे। उन्होंने मनरेगा बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी, कार्य दिवसों में कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने में सरकारी उदासीनता पर गहरी चिंता व्यक्त की।
मनरेगा मजदूरों की आजीविका का मजबूत आधार: शिवप्रकाश
शिवप्रकाश गुर्जर ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार रही है। लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों के कारण यह जनकल्याणकारी योजना लगातार कमजोर हो रही है। बजट में कटौती और मजदूरी भुगतान में देरी से मजदूरों का भरोसा टूट रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
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विधायक ने केंद्र सरकार से की मांगें
विकास चौधरी ने केंद्र सरकार से मांग की कि मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए, लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए, कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाई जाए और जरूरतमंद श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इन जायज मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं देती है, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक नसीम अख्तर अंसाफ, पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और मनरेगा श्रमिक मौजूद रहे।
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