भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि टीएमसी का सही अर्थ अब “तुष्टिकरण, माफिया और अपराध” बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल कभी लोकतांत्रिक चेतना और बौद्धिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन अब वह भय, दबाव और राजनीतिक हिंसा की प्रयोगशाला बन चुका है।
संजय सरावगी ने हाल ही में बीएलओ अशोक दास की आत्महत्या का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या अब चुनाव ड्यूटी निभाना भी पश्चिम बंगाल में जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। उन्होंने कहा कि जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ अशोक दास एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी थे, लेकिन टीएमसी नेताओं द्वारा उन पर लगातार दबाव डाला गया। सरावगी ने यह बात दरभंगा जिले में आयोजित एक सभा में कही है।
सरावगी ने बताया कि टीएमसी नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने चुनावी सूची से किसी अवैध वोटर को हटाया, तो उनकी और उनके परिवार की जान को खतरा होगा। अंततः, भारी मानसिक दबाव और भय के चलते अशोक दास ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
‘भाजपा इस अन्याय के खिलाफ खड़ी रहेगी’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “आज टीएमसी शासन में वहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी को छोड़कर कोई भी सुरक्षित नहीं है। पश्चिम बंगाल और देश की जनता भी सुरक्षित नहीं है।” उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे खुद को लोकतंत्र की रक्षक मानती हैं तो अब क्यों चुप हैं? क्या अवैध घुसपैठियों को बचाने की राजनीति इतनी महत्वपूर्ण हो गई है कि देश के नागरिकों, चुनाव अधिकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा की कोई कीमत नहीं रह गई?
संजय सरावगी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता अब चुप नहीं रहेगी और भाजपा इस अन्याय के खिलाफ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अशोक दास को न्याय दिलाने और बंगाल को भयमुक्त बनाने तक संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अशोक दास की मौत के जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी के शासन में बंगाल अब ‘शोनार बांग्ला’ नहीं, बल्कि ‘खूनी खेल का मैदान’ बन चुका है। जहां सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने के डर से जान दे रहे हैं, वहीं सत्ता संरक्षण में पल रहे गुंडे चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को चुनौती दे रहे हैं।”
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टीएमसी गुंडों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की अपील की
सरावगी ने कहा कि टीएमसी की हिंसा ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का सबसे भयावह रूप है, जहां वोट बैंक को बचाने के लिए संवैधानिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में आज न लोकतंत्र सुरक्षित है, न लोकतांत्रिक व्यवस्था, और न ही उन लोगों की सुरक्षा जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को संचालित कर रहे हैं। बिहार भाजपा ने अशोक दास मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है और चाकुलिया में हिंसा करने वाले टीएमसी गुंडों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की अपील की है।
अखबार कार्यालय पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की
संजय सरावगी ने पंजाब में भाजवंत मान सरकार द्वारा मीडिया पर लगातार हो रहे हमलों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर केजरीवाल सरकार लगातार हमला कर रही है। उन्होंने हाल ही में पत्रकारों और कर्मचारियों के साथ मारपीट और अखबार कार्यालय पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जालंधर में सूरानुसी प्रिंटिंग प्रेस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पुलिस बल के साथ जबरदस्ती घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट करने पहुंचे थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया।
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