सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मियों की नौ सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार से शुरू हुई सांकेतिक हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। यह हड़ताल नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद खत्म हुई। हड़ताल के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी, जिससे प्रमुख चौक-च
आश्वासन के बाद सफाईकर्मियों ने हड़ताल की बंद
मंगलवार को नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा और नगर निगम के उप महापौर गुड्डू हयात ने नगर निगम परिसर में सफाईकर्मियों से वार्ता की। इस दौरान नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि 16 जनवरी को होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में सफाईकर्मियों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद सफाईकर्मियों ने अपनी सांकेतिक हड़ताल समाप्त कर दी।
सफाईकर्मियों की सांकेतिक हड़ताल समाप्त ।
सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है और वर्षों से उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनकी प्रमुख मांगों में हर महीने की 5 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करना, मासिक मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये करना तथा पिछले दो वर्षों से लंबित ईपीएफ राशि का तत्काल भुगतान शामिल है।
इस संबंध में सफाईकर्मी संघ के सहरसा जिला अध्यक्ष रामचंद्र मल्लिक ने बताया कि नगर आयुक्त ने सभी मांगों को बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से पारित कराने का भरोसा दिया है। वहीं, ईपीएफ भुगतान को लेकर नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि कर्मियों से केवाईसी कराने को कहा गया है और जल्द ही इसके लिए विशेष कैंप भी लगाया जाएगा, ताकि लंबित राशि का भुगतान शीघ्र हो सके।
हालांकि, सफाईकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह हड़ताल केवल आश्वासन के आधार पर समाप्त की गई है। यदि 16 जनवरी तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया और उन पर अमल शुरू नहीं हुआ, तो वे दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था पर फिर से संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
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