सलूंबर क्षेत्र में किशोरियों, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती अस्वाभाविक मौतों व ऑनर किलिंग की आशंका को लेकर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में एडीएम सलूंबर को एक ज्ञापन सौंपकर घटनाओं की निष्पक्ष जांच, रोकथाम और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पिछले 12 दिनों में 4 मौतें हुई ज्ञापन में बताया गया कि गत वर्ष के दौरान सलूंबर क्षेत्र में अस्वाभाविक मृत्यु की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। हाल ही में 28 जनवरी को झल्यारा थाना क्षेत्र के सलकावतों का गुड़ा में युवक-युवती द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। इसके बाद 3 फरवरी को जयसमंद अभयारण्य क्षेत्र में एक युवती का शव पेड़ पर लटका मिला। 5 फरवरी को भी झल्लारा थाना क्षेत्र के दौलपुरा नपुरा पंचायत के घंटेड़ में एक महिला की मृत्यु की घटना सामने आई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि क्षेत्र में हर साल इस प्रकार की करीब 8 से 14 घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें कई मामलों को लेकर आत्महत्या या ऑनर किलिंग की आशंका बनी रहती है। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि कई घटनाओं में स्पष्ट जांच नहीं होने से सच्चाई सामने नहीं आ पाती और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाता। पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की उन्होंने ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और पारदर्शी प्रक्रिया को बेहद जरूरी बताया, ताकि अपराधियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी प्रकार की अस्वाभाविक मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच करे। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पोस्टमॉर्टम व फोरेंसिक जांच के बिना किसी भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाए। यदि अस्वाभाविक मृत्यु की सूचना पुलिस को दिए बिना परिजन अंतिम संस्कार कर देते हैं, तो ऐसे मामलों में भी जांच प्रारंभ की जाए। इसके अलावा, प्रत्येक घटना की जांच की प्रगति रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट कार्यालय को उपलब्ध करवाई जाए तथा यदि इस संबंध में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के कोई दिशा-निर्देश हैं तो उनकी पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।
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