सहरसा जिले में हैंडलूम दुकान से हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। बुधवार शाम साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस चोरी में दुकान के ही पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मानवीय सूचनाएं एकत्र कीं। इसके आधार पर सदर थाना पुलिस और जिला सूचना इकाई (DIU) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
10 साल पुराना कर्मचारी निकला मुख्य आरोपी
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी मिथिलेश कुमार उर्फ सोनू कुमार ने इसी हैंडलूम दुकान में करीब 10 वर्षों तक काम किया था। दूसरा आरोपी बाबुल कुमार दुकान में सहयोगी के रूप में कार्यरत था। इन दोनों ने एक नाबालिग के साथ मिलकर चोरी की पूरी योजना बनाई थी। तीनों आरोपी सहरसा सदर थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
चोरी के पैसों से खरीदा गया महंगा आईफोन बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए पैसों में से 1 लाख 95 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। साथ ही चोरी की रकम से खरीदा गया एक महंगा आईफोन भी जब्त किया गया है। इस कांड के उद्भेदन में सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार, एसआई धनेश्वर प्रसाद सिंह, सनोज वर्मा, बालेश्वर कुमार और प्रियंका कुमारी चौहान सहित जिला सूचना इकाई की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।
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