कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने फर्जी ओएमआर शीट घोटाले और पेपर लीक को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से सरकार बदलने पर भाजपा मंत्रियों को जेल भेजने की बात पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का कोई भी मंत्री किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल नहीं है।
कांग्रेस नेता गोविंद डोटासरा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि डोटासरा के परिवार और रिश्तेदारी के छह लोग आरएएस बन गए। ऐसे में उनके लिए इस तरह के बयान देना आसान है। उन्होंने कहा कि यदि जांच सही दिशा में आगे बढ़ी तो सच्चाई सामने आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और बड़े चेहरे जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
मीडिया से बातचीत में किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में उन्होंने फर्जी ओएमआर शीट्स मीडिया के सामने रखी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में जिन अभ्यर्थियों ने उत्तर तक नहीं दिए, उन्हें फर्जी नंबर देकर आरएएस में चयनित कर दिया गया, जबकि सही उत्तर देने वालों को अंक नहीं दिए गए।
उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कई बार खुलासे किए लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मौजूदा सरकार में ही आरएएस परीक्षा से जुड़ी करीब एक दर्जन ओएमआर शीट्स एसओजी को जांच के लिए सौंपी गई हैं।
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कृषि मंत्री ने दावा किया कि इस पूरे मामले में जांच आगे बढ़ने पर कांग्रेस के बड़े और पुराने नेता, आरपीएससी के चेयरमैन और उसके कुछ सदस्य, गोपनीय शाखा के अधिकारी-कर्मचारी और माफिया से जुड़े कई नाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
इससे पहले दौसा में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। कार्यक्रम में जिले के किसानों को योजना की पांचवीं किस्त जारी की गई। इसी दौरान मंत्री ने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में पूछा लेकिन गिने-चुने लोग ही जवाब दे सके।
इस पर कृषि मंत्री ने अधिकारियों को टोकते हुए कहा कि योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रही है। जब डिप्टी डायरेक्टर से सवाल किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) ने सफाई देते हुए कहा कि किसान सवाल को समझ नहीं पाए। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की जानकारी आम किसानों तक पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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