Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया गया. बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा के इन गांवों में दशकों बाद तिरंगा फहराया गया. ये अलग-अलग तस्वीरें बदलाव और लोकतंत्र की सुंदरता को पेश करता है.
बीजापुर के कर्रेगुट्टा हिल्स में 5000 फीट की ऊंचाई पर स्थापित नए सुरक्षा कैंप में 77वें गणतंत्र दिवस पर जवानों ने ध्वजारोहण किया. लंबे समय तक नक्सल प्रभावित इस इलाके में पहली बार ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर तिरंगा फहराया, जो लोकतंत्र की ऐतिहासिक वापसी का प्रतीक माना जा रहा है. इसी तरह कई गांवो में भी गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया

माओवादियों के कोर एरिया माने जाने वाले कर्रेगुट्टा हिल्स में नवीन सुरक्षा कैंप में 77वें गणतंत्र दिवस पर जवानों ने ध्वजारोहण किया. लंबे समय तक नक्सल हिंसा प्रभावित रहे अंदरूनी इलाकों में ग्रामीण और स्कूली बच्चे सुरक्षा बलों के साथ मिलकर तिरंगा फहराते नजर आए.

सुकमा में पिछले चार दशकों से माओवाद का कब्जा था. इस बार पहली बार सुरक्षा कैंप खुलने के बाद ग्रामीणों ने तिरंगे को सलामी दी. सीआरपीएफ के जवान भी समारोह में मौजूद रहे. जिले के 10 अलग-अलग जगहों पर पहली बार तिरंगा लहराया गया.
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बीजापुर के ताड़पाल घाटी (करेगुट्टा), पीडिया और गोटूपल्ली जैसे पूर्व घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में 77वें गणतंत्र दिवस पर जवानों ने तिरंगा फहराया और लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक पेश किया.

बीजापुर के नक्सल प्रभावित इलाकों में जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गणतंत्र दिवस मनाया, जो बदलाव और लोकतंत्र की सुंदर तस्वीर पेश करता है.

बीजापुर के उस क्षेत्र में, जहां कभी भय और हिंसा का साया था, अब राष्ट्रीय ध्वज शान से लहराया गया.

जांजगीर-चांपा में 77वां गणतंत्र दिवस जिला स्तरीय समारोह हाई स्कूल मैदान में मनाया गया. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली. इस अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश भी पढ़ा गया.

कोंडागांव मे शान से तिरंगा लहराया. बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने ध्वजारोहण किया.मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया. विकास नगर स्टेडियम में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया.
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