Mohan Bhagwat News: मोहन भागवत ने कहा कि हमारे पूर्वजों के बलिदानों से भारत को स्वतंत्रता मिली। भारत को एक गणराज्य के रूप में संरक्षित और सुदृढ़ करना नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों को सार्वजनिक जीवन में निरंतर आदर्श आचरण दिखाना होगा.
मोहन भागवत ने कहा कि संविधान का नियमित अध्ययन करना चाहिए. यह नागरिकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाता है. कानून का पालन करना अपने आप में एक प्राथमिक नागरिक कर्तव्य है. उन्होंने भारतीय संस्कृति के ‘अलिखित नियमों’ का भी जिक्र किया. इसमें मानवता और सामाजिक समरसता को बनाए रखना सबसे अहम है. भागवत ने जोर दिया कि समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखना ही सच्ची देशभक्ति है.
कुर्बानी बेकार न जाए, भारत को विश्व गुरु बनाना है
आरएसएस चीफ ने कहा कि भारत को यह आजादी खैरात में नहीं मिली है. इसके लिए हमारे पूर्वजों ने बहुत बड़ा बलिदान दिया है. भारत को एक गणराज्य के रूप में सुरक्षित रखना सबकी जिम्मेदारी है. नागरिकों को सार्वजनिक जीवन में अपना आचरण आदर्श रखना होगा. तभी भारत विश्व का अग्रणी राष्ट्र बन पाएगा.
केसरिया त्याग का प्रतीक, चक्र धर्म का पहिया
भागवत ने तिरंगे के तीनों रंगों का गहरा अर्थ समझाया. उन्होंने कहा कि केसरिया रंग त्याग और भारत की प्राचीन संस्कृति का प्रतीक है. सफेद रंग हमारे विचारों की पवित्रता को दर्शाता है. हरा रंग तरक्की और समृद्धि का निशान है. बीच में बना अशोक चक्र यह बताता है कि हमारी सारी तरक्की ‘धर्म’ यानी सही रास्ते पर होनी चाहिए.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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