रांची. झारखंड की राजधानी रांची के मेसरा ओपी इलाके में व्यवसायियों को टारगेट कर फायरिंग और रंगदारी मांगने वाले राहुल सिंह गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अश्विनी कुमार परवता उर्फ कटप्पा, रियांश सिंह उर्फ स्वतंत्र उर्फ आरडीएक्स और पंकज कुमार उर्फ सोनू शर्मा को हथियार और 15 जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार कटप्पा पहले अमन साहू गिरोह से जुड़ा था और बाद में राहुल सिंह गिरोह के लिए काम करने लगा. वह रेकी से लेकर हथियार सप्लाई तक की कड़ी संभालता था. आरडीएक्स शूटर उपलब्ध कराता था, जबकि पंकज हवाला के जरिए रंगदारी की रकम ट्रांसफर करता था.
राहुल सिंह गिरोह के तीन चेहरे गिरफ्तार
बता दें कि राहुल सिंह गिरोह ने बीते दिनों मेसरा ओपी इलाके में व्यवसायी को टारगेट कर फायरिंग और व्यवसायियों से रंगदारी मांगी थी. अब इस मामले में
झारखंड पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से एक पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. तीनों खुद को समाज में व्हाइट कॉलर के रूप में प्रस्तुत करते थे, लेकिन असल में राहुल सिंह गिरोह के लिए काम करते थे. रांची पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में अश्विनी कुमार परवता उर्फ कटप्पा शामिल है जो अमन साहू गिरोह का खास सदस्य हुआ करता था.
राहुल सिंह गैंग का अंदरूनी खेल उजागर
बताया जाता है कि उसके मारे जाने के बाद, अब वह राहुल सिंह गिरोह के साथ जुड़ा था. वह व्यवसायियों की रेकी कर उनके नंबर सहित तमाम जानकारी उपलब्ध कराता था और विदेशों से हथियार मंगाने में भी इसका बड़ा हाथ था. वहीं, रियांश सिंह उर्फ स्वतंत्र उर्फ आरडीएक्स का काम गिरोह के लिए शूटर उपलब्ध कराना था, जबकि पंकज कुमार उर्फ सोनू शर्मा फाइनेंस का काम देखता था. हवाला के जरिए यह रंगदारी के पैसे विदेश भी भेजता था. गिरफ्तारी के दौरान यह बात भी सामने आई है कि बीते दिनों
बिहार पुलिस ने परमानंद यादव को बिहार में मुठभेड़ में गोली मारी थी, उसे भी पंकज ने हवाला के जरिए मोटी रकम भेजी थी.
अमन साहू का खास कटप्पा चढ़ा पुलिस के हत्थे
अमन साहू गिरोह के सोशल मीडिया के साथ पाकिस्तान से हथियार पंजाब पहुंचाने के बाद उन हथियारों को शूटरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कटप्पा पर थी. कटप्पा काफी शातिर था, वह कभी भी खुद किसी क्राइम में सामने नहीं आता था, लेकिन हर घटना का मास्टरमाइंड रहता था. वह खुद को कोयला व्यवसायी के रूप में प्रस्तुत कर खुद कोयला व्यवसायियों की रेकी करता था. अमन साहू से कटप्पा ने अपने काम के एवज में 80 से 90 लाख रुपए लिए थे, जबकि राहुल सिंह गिरोह से 15 से 20 लाख रुपए भी लिया करता था. पंकज कुमार उर्फ सोनू शर्मा गिरोह के रंगदारी के पैसे हवाला के जरिए ट्रांसफर करता था, जबकि रियांश सिंह उर्फ आरडीएक्स का काम शूटर उपलब्ध कराना था.
रांची पुलिस ने गिरोह की कमर तोड़ी
मामले की जानकारी देते हुए
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि यह गिरोह बंगाल, बांग्लादेश, नेपाल और बिहार से हथियार लाता था. बीआईटी में भी इसी हथियार का इस्तेमाल फायरिंग में हुआ था, जिसे नेपाल से मंगवाया गया था. बहरहाल, संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. विदेश में छिपे बैठे राहुल सिंह गिरोह के देशी कनेक्शन को काटते हुए रांची पुलिस ने इस गिरोह की नींव हिला दी है. देखना होगा कि इसका कितना फायदा रांची सहित झारखंड को मिलता है. बहरहाल, अब देखना होगा कि विदेश में बैठे सरगना तक पुलिस कब पहुंचती है और क्या इस ऑपरेशन से झारखंड में रंगदारी नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम लग पाती है.