केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर सियासत में पूरा हक न मिलने की पीड़ा सार्वजनिक मंच पर उजागर की। बोले- हम सरकारें बनाते हैं, मगर उसके बदले में वाजिब इनाम नहीं मिलता, तो क्या मैं गलत कहता हूं। लोग यूं कहते हैं कि इंद्रजीत सिंह अगर सीएम से नहीं लड़ता तो हमारे फीत लग जाती, हम चेयरमैन बन जाते, हम शायद मिनिस्टर बन जाते। अरे मैं यू कहता हूं कि अगर हम किसी का साथ नहीं देते तो ये पार्टी सत्तासीन नहीं होती, तुम कहां के होते फिर। राव ने सेना में अहीर रेजिमेंट न बनने पर भी रोष जताया। बोले- हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी, इसलिए अहीर रेजिमेंट नहीं बनी। राव इंद्रजीत सिंह 14 जनवरी को राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव सोहली में एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित रहे थे। अब इसकी एक वीडियो सामने आई है। पढ़िए…मंच से राव इंद्रजीत ने क्या बातें उठाईं सभी CM से रहा छत्तीस का आंकड़ा
राव इंद्रजीत के बारे में मशहूर है कि उनका हर सीएम के साथ 36 का ही आंकड़ा रहता है। जब कांग्रेस में थे और भूपेंद्र हुड्डा 2 बार सीएम रहे, तब राव इंद्रजीत की उनसे ठनी रही। सार्वजनिक मंचों पर भी लड़ाई देखने को मिली। उसके बाद भाजपा सरकार में 2 कार्यकाल मनोहरलाल खट्टर सीएम रहे, तब भी राव इंद्रजीत की उनसे तल्खी रही। अब नायब सैनी कैनिबेट में राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव मंत्री हैं। बावजूद इसके राव ने सीएम नायब सैनी के मंच से ही कहा था कि हमने भाजपा की सरकार बनवाई, हमारी बात सुननी पड़ेगी। डिनर डिप्लोमेसी से राजनीतिक दबाव बनाते रहे हैं राव
कांग्रेस में रहते हुए भी राव इंद्रजीत अपनी डिनर डिप्लोमेसी का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करते रहे थे। यही नहीं भाजपा में शामिल होने के बाद भी यह क्रम जारी रखा। अगस्त 2015 में जब मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बने कुछ महीने ही हुए थे, तब राव ने पहले सांसदों को डिनर दिया। उसके बाद अहीरवाल के विधायकों को डिनर पर बुलाया था। अब नायब सरकार के दौरान भी राव इंद्रजीत ने चंडीगढ़ में आरती राव के सरकारी आवास पर दक्षिण हरियाणा के विधायकों को डिनर दिया। हरियाणा में ये इकलौता सियासी परिवार, जिसके पास 2 मंत्री पद
भाजपा आमतौर पर एक व्यक्ति एक पद या एक परिवार एक पद के फॉर्मूले पर चलती रही है। एक परिवार से एक ही टिकट की थ्योरी भी है। वर्तमान में हरियाणा में राव का इकलौता सियासी परिवार है, जिसके पास 2 मंत्री पद हैं। राव इंद्रजीत खुद केंद्र में राज्यमंत्री हैं जबकि उनकी बेटी आरती राव प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। स्वर्गीय बंसीलाल परिवार के पास भी 2 सियासी पद हैं, लेकिन मंत्री पद एक ही है। बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी राज्यसभा सदस्य हैं, वहीं उनकी बेटी श्रुति चौधरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री।
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