किरोड़ी बाबा ने सीएम भजनलाल की मौजूदगी में ही कह दिया-पर्ची आ गई, अब तो बैठना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के काम पर शिवराज सिंह चौहान ने भी बढ़िया तुकबंदी की। जयपुर में पूर्व मंत्री खाचरियावासजी ने पूछ लिया-मुझसे बड़ा नेता कौन आएगा? जोधपुर में सांसद हनुमान बोले कि मैं जिसके साथ हूं वह लकी है। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…
1. किरोड़ी बाबा ने मंच से किया ‘पर्ची’ का जिक्र
अब तक ‘पर्ची’ का जिक्र विपक्ष के नेता करते आए थे। खास तौर पर डोटासरा जी की जुबान पर तो जैसे पर्ची चिपक ही गई।
विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत हुई तो पहली बार के विधायक भजनलाल जी का नाम पर्ची पर लिखकर बढ़ाया गया। पर्ची में उनके मुख्यमंत्री बनने का ऐलान था। वे किस्मत के धनी हैं। पूंछरी का लौठा की कृपा है।
विपक्ष इसी बात को लेकर तंज कसता है। लेकिन सत्ता पक्ष में किसकी मजाल जो सीएम के सामने पर्ची का जिक्र कर सके। यह हिमाकत तो किरोड़ी बाबा ही कर सकते हैं। उन्होंने कर दी।
नागौर में कृषि सम्मेलन हो रहा था। सम्मेलन में सीएम भजनलाल थे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी थे। एमपी में प्यार से लोग शिवराज जी को मामा बुलाते हैं।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भाषण दे रहे थे। किसान सम्मान निधि की बात कर रहे थे। इस बीच उनके पास एक कागज आया- जिस पर लिखे शब्दों का तात्पर्य यह था कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जल्दी में हैं। उन्हें निकलना है।
कागज देखकर किरोड़ी बाबा ने भाषण रोका। बोले- अब पर्ची आ गई है। पर्ची पर तो मैं कुछ कह ही नहीं सकता। बैठना ही पड़ेगा। यह बात सुनकर सीएम भी अपनी मुस्कुराहट रोक नहीं सके।
आगे किरोड़ी बाबा बोले- क्योंकि मामा को जाना है। मामा जाएगा तो बाबा थोड़े रहेगा। बाबा भी जाएगा। किरोड़ी जी की बात सुन ठहाके लगने लगे।
मामा की बारी भी आई। उन्होंने सीएम की खूब तारीफ की। बोले- विकास का रिकॉर्ड बना दिया। इसके बाद वे तुकबंदी पर आ गए। कहा- दो साल में किया कमाल..वार रे भैया भजनलाल।
नागौर के किसान सम्मेलन में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मंच से पर्ची की बात की तो सीएम भजनलाल मुस्कुराने लगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी थे।
2. खाचरियावास बोले- मुझसे बड़ा नेता कौन?
अरावली की हाइट पर प्रदेशभर में कांग्रेस हल्ला बोल रही है। लेकिन अरावली को नहीं पता कि नेताओं की हाइट के सामने उसकी हाइट कुछ भी नहीं।
हाथ में अरावली बचाओ की तख्ती लेकर पूर्व मंत्री जी कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरे। खूब नारेबाजी की। लंबे-लंबे डग भरकर पदयात्रा निकाली।
एक जगह पत्रकार महोदय ने पूर्व मंत्री जी को रोक लिया। पूछा- नेताजी, रैली में बड़े नेता नहीं दिख रहे। इस पर पूर्व मंत्री महोदय का इगो हर्ट हो गया।
वे तमककर बोले- मेरे से बड़ा नेता कौन है? प्रताप सिंह खाचरियावास चल रहा है ने कार्यकर्ता। प्रताप सिंह खाचरियावास खुद को किसी से कम नहीं समझता।

जयपुर में अरावली बचाओ रैली में हाथ में तख्ती लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पैदल चले।
3. हनुमान बेनीवाल बोले- मैं जिसके साथ, वह लकी
जिसके साथ हनुमान जी खुद हों। उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। वह सौभाग्यशाली बन जाता है।
हम बजरंग बली पवनसुत केसरीनंदन भगवान हनुमान की बात नहीं कर रहे। बात है नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की।
वे खुद मानते हैं कि वे जिसके साथ हों, वह लकी है। दरअसल जोधपुर में ओसियां विधायक भैराराम ने उन्हें बुलाया था।
हनुमान जी पवन की गति से हर दिशा में घूमते हैं और इसीलिए किसी भी जगह वक्त पर नहीं पहुंचते।
जब वे पहुंचे तो भैराराम जी ने घुमा-फिराकर तंज किया। कहा कि टाइम बता देते कब तक आओगे। शामियाना लगाया। खूब भीड़ जुटाई। सब धरा रह गया।
इसके बाद हनुमान जी माइक संभाला। बोले- मुझे मेरा पता नहीं कि खुद के लिए मैं लकी हूं या नहीं। लेकिन यह गारंटी की बात है कि मैं जिसके साथ हूं वह जरूर लकी है।

जोधपुर के ओसियां में सांसद हनुमान बेनीवाल विधायक भैराराम सियोल से मिले। बोले- मैं जिसके साथ, वह लकी है।
4. चलते-चलते…
सर्पिणी जैसी घुमावदार सिंगल सड़क पर बस हिचकोले खाती चल रही थी। कभी इधर झुकती तो कभी उधर झुकती।
बस की छत, छत पर जाने वाली सीढ़ियों और गेट पर भारत का भविष्य झूल रहा था। लटक रहा था। ठसा पड़ा था।
जैसे ही बस का टायर किसी गड्ढे में जाता और बस झुकती तो लगता कि अब भारत का कोई भविष्य बस की छत से उछलकर रोड पर जाकर गिरेगा और हांफने लगेगा।
लेकिन सौभाग्य से ऐसी कोई घटना नहीं हुई। बस सलूंबर से धरियावद की तरफ जा रही थी। बस के पीछे कार आ रही थी। कार चालक के पास मोबाइल था। बस का हाल देख उसने मोबाइल का इस्तेमाल किया।
वीडियो बनाने के साथ-साथ कार चालक कमेंट्री कर रहा था। डर रहा था। अफसोस कर रहा था। चिंता जता रहा था और कुढ़ रहा था। बस के पीछे लिखा था- तेरी मेहरबानी।
किसी की मेहरबानी के बिना बस इस तरह सड़क पर नहीं चल सकती। हालांकि बस वाले ने यह नहीं लिखवा रखा था कि यह मेहरबानी पुलिस की है। प्रशासन की है। आरटीओ की है या किसी और की।

सलूंबर-धरियावद के बीच चल रही बस का वीडियो सामने आया जिसमें स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे थे।
वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
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