बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में संत समाज का आमरण अनशन लगातार जारी है। धरना स्थल पर संत समाज के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष अन्न-जल त्याग कर अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि सरकार खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए। संत समाज ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवराज बिश्नोई ने इस आंदोलन को आस्था, धर्म और पर्यावरण से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि यदि संत समाज की मांगें न्यायोचित हैं तो विधानसभा में समर्थन देकर आवश्यक कानून प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने इसे बिश्नोई समाज का पर्यावरण बचाने का अंतिम प्रयास बताया।
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धरना स्थल पर सैकड़ों साधु-संत, महिलाएं और पुरुष अनशन पर बैठे हैं। अब तक 10 से अधिक अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ चुकी है। संत समाज ने सरकार को एक दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण के लिए वे प्राण त्यागने को भी तैयार हैं।
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती की है। सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध और डॉ. सुरेंद्र बराम के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम लगातार अनशनकारियों की स्वास्थ्य जांच कर रही है।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद हैं, लेकिन अब तक सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कोई औपचारिक वार्ता नहीं हो सकी है। आंदोलनकारियों ने जल्द से जल्द ट्री एक्ट कानून लागू करने की मांग दोहराई है।
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