भंवरपुर के अटल चौक पर स्थित वैष्णव होटल करीब 40 साल से स्वाद और भरोसे की पहचान बना हुआ है. चार पीढ़ियों द्वारा संचालित इस होटल की बालूशाही सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, जिसकी रोजाना 20 से 25 किलो बिक्री होती है.
छोटी-सी दुकान से हुई थी शुरुआत
शुरुआत में वैष्णव होटल एक छोटी सी दुकान के रूप में शुरू हुई थी, जहां केवल चाय और कुछ साधारण नाश्ते मिलते थे. समय के साथ होटल का विस्तार हुआ और आज यहां चाय के साथ समोसा, आलूचाप और भजिया जैसे नाश्ते पूरे इलाके में प्रसिद्ध हैं. सुबह से शाम तक होटल पर ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है. आसपास के गांवों और बाजार क्षेत्र से लोग खास तौर पर यहां के नाश्ते और मिठाई के लिए पहुंचते हैं.
वैष्णव होटल की प्रसिद्ध है बालूशाही
वैष्णव होटल की सबसे बड़ी पहचान यहां बनने वाली बालूशाही है. संचालक सुरेंद्र वैष्णव बताते हैं कि उनकी बालूशाही का स्वाद सालों से लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. रोजाना औसतन 20 से 25 किलो बालूशाही की बिक्री होती है. वर्तमान में बालूशाही की कीमत 140 रुपए प्रति किलो है. इस हिसाब से केवल बालूशाही की बिक्री से ही रोजाना लगभग 2,800 से 3,500 रुपए की आमदनी हो जाती है.
इसके अलावा चाय, समोसा, आलूचाप और भजिया जैसे अन्य नाश्तों की बिक्री से होटल की कुल दैनिक आय लगभग 5,000 से 7,000 रुपये तक पहुंच जाती है. त्योहारों, शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के समय यह आय और भी बढ़ जाती है. हाल ही में होटल को एक क्विंटल बालूशाही का बड़ा ऑर्डर भी मिला है.
पारंपरिक तरीके से तैयार की जाती है बालूशाही
सुरेंद्र वैष्णव का कहना है कि वे गुणवत्ता और शुद्धता से कभी समझौता नहीं करते. बालूशाही और अन्य मिठाइयों को आज भी पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है, जिससे सालों पुराना स्वाद बना हुआ है. यही कारण है कि पुराने ग्राहक पीढ़ियों से इस होटल से जुड़े हुए हैं और नए ग्राहक भी लगातार बढ़ रहे हैं.
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