Raipur News: छत्तीसगढ़ पुलिस ने एंटी ड्रग्स ऑपरेशन ‘निश्चल’ के तहत नागपुर से छत्तीसगढ़ आ रही एमडीएमए ड्रग्स के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. रायपुर से शुभम राजू धावड़े नामक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जिससे साढ़े तीन लाख रुपए मूल्य की एमडीएमए ड्रग्स बरामद की गई. आरोपी रायपुर में ड्रग डिलीवरी देने आया था, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही धर दबोचा.
Anti Drugs Operation Nishchal: छत्तीसगढ़ पुलिस ने एंटी ड्रग्स ऑपरेशन ‘निश्चल’ के तहत नागपुर से छत्तीसगढ़ आ रही एमडीएमए ड्रग्स के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. रायपुर से शुभम राजू धावड़े नामक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जिससे साढ़े तीन लाख रुपए मूल्य की एमडीएमए ड्रग्स बरामद की गई. शुभम रायपुर में ड्रग डिलीवरी देने आया था, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही धर दबोचा.
पुलिस के अनुसार, रायपुर में पिछले कुछ महीनों में ऑपरेशन निश्चय के तहत 80 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ज्यादातर ड्रग्स महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ में आ रही हैं. नागपुर, वर्धा, सांगली और सातारा जैसे शहरों में पुलिस और डीआरआई ने कई बड़े ड्रग कारखाने पकड़े हैं, जहां सिंथेटिक ड्रग्स, विशेषकर एमडीएमए और मेफेड्रॉन, बड़े पैमाने पर बनाई जा रही थीं. उदाहरण के लिए, वर्धा में दिसंबर 2025 में 128 किलो मेफेड्रॉन जब्त किया गया, जिसका मूल्य लगभग 192 करोड़ था.
गांजा और अफीम के तस्कर सक्रिय
छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, गांजा और अफीम के तस्कर अब एमडीएमए के कारोबार में भी सक्रिय हैं. एमडीएमए 1 सिंथेटिक ड्रग है, जिसे सामान्य केमिकल की मदद से आसानी से तैयार किया जा सकता है. फॉरेंसिक वैज्ञानिकों के अनुसार, केवल चार घंटे में कुछ सामान्य केमिकल्स से मेफेड्रॉन बनाई जा सकती है. इसमें 12 हजार रुपए के केमिकल से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2 करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग्स तैयार हो सकती हैं.
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ पुलिस ने यह भी बताया कि नागपुर और छत्तीसगढ़ के तस्करों के बीच एक तरह का ‘बार्टर सिस्टम’ चल रहा है. नागपुर से एमडीएमए भेजी जाती है, वहीं उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के तस्करों को गांजा मिलता है. दुर्ग पुलिस ने अक्टूबर 2025 में एक ट्रक से 388 किलो गांजा जब्त किया था. इस मामले में नागपुर के ईप्पा और ढम गैंग के कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे.
दुर्ग जिले के एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक साल में दुर्ग पुलिस ने लगभग 300 मामले दर्ज किए और 300 ग्राम हेरोइन जब्त की. उड़ीसा से छत्तीसगढ़ तक गांजा अलग-अलग रूटों से आता है. पुलिस हर रूट पर बैरिकेडिंग और वाहन चेकिंग कर रही है. एसपी ने कहा कि उनकी टीम अंतरराज्यीय गिरोहों पर लगातार नजर रख रही है और जल्द ही बड़े आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होंगे. छत्तीसगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम और राज्य में एनडीपीएस कानून को प्रभावी बनाने का एक उदाहरण है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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