छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत में किसान रामलाल के लिए मनरेगा योजना से बना पक्का बकरी पालन शेड आजीविका का मजबूत साधन बना है. पहले कच्चे मकान में बकरी पालन से नुकसान होता था, अब एक दर्जन से अधिक बकरियों से नियमित आय मिल रही है. पिछले माह चार बकरों की बिक्री से 30 हजार रुपये का लाभ हुआ.
मनरेगा योजना के तहत 1.25 लाख रुपये की लागत से बना पक्का बकरी शेड रामलाल के लिए आजीविका का मजबूत आधार बना है. इससे बकरियों की सुरक्षा और देखभाल पहले से कहीं बेहतर हो गई है.

पहले कच्चे मकान के एक हिस्से में बकरियां रखने से मौसम का नुकसान झेलना पड़ता था. मनरेगा योजना के तहत बने पक्के शेड से अब मौसमी बीमारी और मृत्यु दर में भारी कमी आई है.

बकरी पालन में अब पूरा परिवार जुड़ा हुआ है. हर दो-तीन महीने में बकरियों की बिक्री से नियमित आमदनी हो रही है, जिससे रोजगार की चिंता खत्म हो गई है.
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रामलाल बताते हैं कि बकरे की मांग हमेशा रहती है. ग्राहक सीधे घर से खरीदकर ले जाते हैं और उन्हें उचित दाम मिल रहा है.

पिछले महीने चार बकरों की बिक्री से 30 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ. अब एक दर्जन से अधिक बकरियों के साथ बकरी पालन उनका उन्नत व्यवसाय बन चुका है.
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