केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज (7 फरवरी 2026) छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच गए हैं. एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा ने उनका स्वागत किया. शाह का यह दौरा नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की निर्णायक रणनीति के अंतिम चरण के रूप में देखा जा रहा है. खुद अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद (लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म-LWE) को पूरी तरह खत्म करने की डेडलाइन तय की है. अब इस समयसीमा में महज करीब 52 दिन बचे हैं. पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों ने बस्तर समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में तेज अभियान चलाए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और कई एनकाउंटर हुए हैं.
नवा रायपुर में नक्सल स्थिति पर हाईलेवल मीटिंग करे गृहमंत्री अमित शाह
तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह आज शाम रायपुर पहुंचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. मुख्य रूप से 8 फरवरी (रविवार) को नवा रायपुर में नक्सल स्थिति पर हाईलेवल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF आदि) के कमांडर, इंटेलिजेंस एजेंसियां और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. बैठक में चल रहे ऑपरेशन, इंटेलिजेंस इनपुट्स, फोर्स डिप्लॉयमेंट और अंतिम चरण की रणनीति पर विस्तार से मंथन होगा.
9 फरवरी को बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल होंगे अमित शाह
अधिकारियों का कहना है कि यह बैठक डेडलाइन से पहले फाइनल स्ट्रैटेजी तैयार करने वाली होगी, जिसके बाद अभियानों की गति और बढ़ सकती है. दौरे के दौरान अमित शाह 9 फरवरी को बस्तर के जगदलपुर पहुंचेंगे, जहां वे बस्तर पंडुम महोत्सव 2026 के समापन समारोह में शामिल होंगे. यह आदिवासी संस्कृति, लोक कला और परंपराओं का भव्य उत्सव है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उद्घाटन किया था. शाह का पंडुम में शामिल होना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश देगा. साथ ही वे ‘छत्तीसगढ़ @ 25: शिफ्टिंग द लेंस’ नामक राष्ट्रीय सम्मेलन में भी भाग लेंगे.
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