कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए “सजग कोरबा” अभियान शुरू किया गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में यह विशेष जागरूकता पहल की जा रही है। इस अभियान के तहत कोरबा पुलिस नगरवासियों को अपराधों से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। आगामी दिनों में वित्तीय प्रतिष्ठानों, बैंकों और व्यावसायिक संस्थानों में लूट, ठगी और चोरी जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। कोरबा पुलिस ने छत्तीसगढ़ी भाषा में जागरूकता संदेश वाले पैंपलेट तैयार किए हैं, जिन्हें बैंकों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में लगाया जा रहा है। इन पैंपलेट और ऑडियो संदेशों के माध्यम से आम नागरिकों को सुरक्षित लेनदेन करने, संदिग्ध व्यक्तियों से सतर्क रहने और किसी भी असामान्य गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें बैंक से पैसे निकालते समय अकेले न जाना, 3-4 विश्वसनीय व्यक्तियों के साथ जाना, अनजान व्यक्तियों के झांसे में न आना, पैसे निकालने के बाद रास्ते में न रुकना, पैसे को वाहन की डिक्की या डैशबोर्ड में न छोड़ना, और सुनसान रास्तों से बचने जैसी बातें शामिल हैं। बैंक या आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है। कोरबा पुलिस ने नागरिकों से स्वयं सजग रहने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस सहायता नंबर पर देने को कहा गया है, ताकि समय रहते अपराधों को रोका जा सके। उल्लेखनीय है कि कोरबा में पहले भी बैंक के बाहर से पैसे चोरी होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अक्सर खेती-किसानी और धान बेचने के बाद बैंक में पैसे जमा करने या निकालने आते हैं, और ऐसे समय में वे अक्सर ठगी का शिकार हो जाते हैं।
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