रायपुर जिल में लोन दिलाने के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठग ने कारोबारियों के दस्तावेज हासिल कर उनके नाम से बैंक लोन पास कराया और रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। बिना पैसे लिए ही किस्त भरने को मजबूर कारोबारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम पुलिस द्वारा किरिश पवार ऊर्फ मुदीत पाठे बताया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे। अब पढ़े क्या है पूरा मामला आज़ाद चौक थाना क्षेत्र निवासी दौलत कुशवाहा (32) ने पुलिस को बताया कि वह एम.जी. रोड पर ठेला लगाकर गुपचुप का व्यवसाय करता है। करीब तीन महीने पहले उसकी पहचान किरीश पवार नामक युवक से हुई, जो खुद को बैंकों से लोन दिलाने का काम करता था। बहन की शादी के लिए पैसों की जरूरत होने पर दौलत ने किरीश से लोन दिलाने की बात की। इस दौरान आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक ले ली। पीड़ित के अनुसार किरीश पवार ने दौलत की जानकारी के बिना उसके एक्सिस बैंक, डूंडा शाखा खाते से 80 हजार 35 रुपए का लोन पास कराया। जब दौलत ने लोन की जरूरत न होने की बात कही, तो आरोपी ने मोबाइल लेकर रकम बैंक में वापस करने का झांसा दिया, लेकिन चुपचाप पूरे पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने बाद में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से भी दौलत की केवाईसी का दुरुपयोग करते हुए 3 लाख 84 हजार रुपए का दूसरा लोन पास कराया। रकम खाते में आते ही तुरंत अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। क्रोमो कोड वाउचर और कैशबैक पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने क्रोमो कोड वाउचर और कैशबैक का लालच देकर उसके भरोसे का गलत फायदा उठाया। पीड़ित लोन के पैसे हर महीने भर रहा है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की तो पता चला, कि आरोपी ने इसी पैटर्न पर अब्दुल हन्नान, सिराज सोलंकी, तथा रोजिना सोलंकी के साथ भी ठगी की है। आरोपी पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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