छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में हाथी हर साल धान खरीदी केन्द्र पहुंचते हैं। बंगुरसिया के धान मंडी में जैसे ही धान खरीदी शुरू होती है, रात में हाथी मंडी पहुंचकर धान को नुकसान करते हैं। इस बार 31 दिनों में हाथियों 248 बोरी धान को खाकर व फैलाकर नुकसान कर दिया है। जिसका भरपाई वन विभाग के द्वारा किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा ब्लाॅक में 7 करोड़ के धान चूहे खाने का मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर रायगढ़ में हाथियों ने लाखों का धान खा दिया है। बताया जा रहा है कि बंगुरसिया धान खरीदी केन्द्र में 17 दिसबंर 2025 से हाथियों का आना शुरू हुआ। प्रारंभ में 1 हाथी यहां पहुंच रहा था। अपने दांतो व सुंड से धान के बोरी को उठाकर फाड़कर उसे खाता और फैला देता। इसके बाद अब 3 और 5 हाथी तक यहां पहुंच रहे हैं। 17 दिसबंर 2025 से 16 जनवरी 2026 तक हाथियों ने 248.5 बोरी धान को खाया और फैलाकर नुकसान किया है। ऐसे में 31 सौ रुपये के हिसाब से अब तक हाथियों ने 31 दिन में 3 लाख 7 हजार 520 रुपये का धान नुकसान कर दिया है। 2024 में 56 बोरा धान किया नुकसान
वहीं धान मंडी से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2024 में भी हाथी यहां पहुंचा था। पिछले साल हाथी की संख्या बंगुरसिया सर्किल में कम थी। ऐसे में 56 बोरी 70 हजार का धान को खाया और फैलाया था। इस साल हाथियों की संख्या यहां तकरीबन 31 है। ऐसे में हर रात 1 से अधिक हाथी धान मंडी पहंुच रहा है। काफी देर में भरपाई मिल पाता है
इस संबंध में सेवा सहाकारी समिति बंगुरसिया के अध्यक्ष मनोज कुमार पटेल ने बताया कि इस बार हाथियों ने काफी बोरा धान नुकसान किया है। इसके नुकसान का आंकलन वन विभाग के द्वारा किया जाता है, लेकिन उसका मुआवाजा काफी देर से मिलता है। धान खरीदी केन्द्र में बीती रात भी हाथी पहुंचे थे।
अभी आंकलन किया जा रहा है
हर रात हाथी बंगुरसिया धान मंडी केन्द्र में पहुंच रहे हैं। रात में हाथियों के द्वारा जितना नुकसान होता है। उसका आंकलन सुबह विभाग द्वारा किया जाता है। इसके बाद मुआवजा दिया जाएगा। हाथियों पर निगरानी भी की जा रही है और आसपास के गांव में मुनादी कराया जाता है।
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