छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने 23 जनवरी से 12 फरवरी के बीच 21 दिनों में कुल 6 ट्रैक्टर जब्त किए हैं। सभी जब्त वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, लकड़ी तस्करी और बोल्डर-पत्थरों के अवैध परिवहन की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने निगरानी तेज कर दी। बताया जा रहा है कि तस्कर लकड़ी की तस्करी कर उसे शहर के आरा मिलों में खपाते हैं। वन विभाग की टीम ने 23 जनवरी को जोरापाली के पास कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर में लोड करीब 10 क्विंटल प्रतिबंधित मिश्रित प्रजाति की लकड़ी को अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा। हालांकि, तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। इसके बाद 31 जनवरी को 2 ट्रैक्टरों में पत्थर लोड कर खरसिया से रायगढ़ लाया जा रहा था। टीम ने इन्हें छातामुड़ा चौक पर पकड़ा। इस मामले में नीरज कुमार (55) और कन्हैया सारथी (20) निवासी बोतल्दा को पकड़ा गया। 3 फरवरी को वनभूमि क्षेत्र में मिट्टी डालते हुए 2 ट्रैक्टर पकड़े गए। इस दौरान विदेशी राठिया और रछिन्दर राठिया को हिरासत में लिया गया। 10 टन लकड़ी का अवैध परिवहन पकड़ा गया इसके अलावा 12 फरवरी को एनएच रोड पर करीब 10 टन प्रतिबंधित मिश्रित प्रजाति लकड़ी का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर पकड़ा गया। इस मामले में पुसौर निवासी योगेश साव और रामकुमार चौहान को हिरासत में लिया गया। वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू सभी मामलों में जब्त ट्रैक्टरों को बेलादुला डिपो लाया गया, जहां आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वन परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा ने बताया कि विभाग द्वारा गश्त बढ़ाई गई है और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है, ताकि वन अपराध में शामिल लोगों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी से 12 फरवरी तक कुल 6 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं और सभी वाहनों को राजसात करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
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