गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ‘एट होम’ रिसेप्शन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के कहने के बावजूद राहुल गांधी ने नॉर्थ-ईस्ट का पटका नहीं पहना। भाजपा के मुताबिक रिसेप्शन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेशी मेहमानों समेत सभी ने पटका पहना था। राहुल गांधी अकेले ऐसे नेता रहे, जिन्होंने पटका पहनने से इनकार किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी से बिना शर्त माफी की मांग की है। उन्होंने X पोस्ट पर राहुल गांधी की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि इसी तरह के व्यवहार के कारण ही उनकी पार्टी इस क्षेत्र और देश के बड़े हिस्से का भरोसा खो चुकी है। इसके बावजूद ऐसी असंवेदनशीलता बार-बार सामने आती रही है। कांग्रेस का जवाब- राजनाथ सिंह ने भी पटका नहीं पहना भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया। सरमा के पोस्ट के जवाब में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लिखा कि क्या आप राजनाथ सिंह से भी माफी की मांग करेंगे। या सत्ता विरोधी माहौल से निपटने की आपकी पूरी रणनीति ऐसे गैर-मुद्दों को उठाने तक ही सीमित कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि अगर पटका न पहनना अपमान है, तो राजनाथ सिंह ने क्यों नहीं पहना? राष्ट्रपति को सस्ती राजनीति में घसीटना बंद किया जाए। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का दावा न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी राष्ट्रपति के ‘एट होम’ रिसेप्शन में थोड़ी देर के लिए पहुंचे थे। वे मंत्रियों की लाइन में खड़े होने के बजाय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठ गए। सूत्रों का कहना है कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी कार्यक्रम से राष्ट्रपति के जाने से पहले ही निकल गए। इसे तय प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया गया, क्योंकि नियमों के मुताबिक मेहमान राष्ट्रपति के जाने के बाद ही कार्यक्रम छोड़ते हैं। सूत्रों ने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अभिवादन नहीं किया। कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। गणतंत्र दिवस पर राहुल-खड़गे तीसरी लाइन में बैठे दिखे इससे पहले गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान और अश्विनी वैष्णव के पीछे तीसरी लाइन में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इसे नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के खिलाफ बताया। कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को पीछे बैठाना प्रोटोकॉल और परंपरा के खिलाफ है। पार्टी नेताओं ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता आगे बैठते हैं, तो विपक्ष को पीछे क्यों रखा गया। पूरी खबर पढ़ें…
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