पंजाब की झांकी आज कर्तव्य पथ पर दिखेगी, यह झांकी पंजाब सरकार की तरफ से तैयार की गई है।
गणतंत्र दिवस पर सोमवार को कर्तव्य पथ पर होने वाली 90 मिनट की परेड में पंजाब की झांकी भी दिखेगी। यह झांकी केवल कला का नमूना ही नहीं है, बल्कि मानवता, बलिदान और सिख सिद्धांतों का संदेश दे रही है। झांकी गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है
झांकी में दिखेगी शहादत की कहानी
इस मौके पर पंजाब सरकार के सीनियर अधिकारी रनदीप सिंह आहलूवालिया ने बताया कि यह झांकी गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस को समर्पित है। उन्होंने बताया कि झांकी में भाई मति दास, भाई सति दास और भाई दियाल जी के अद्वितीय बलिदान को दिखाया जाएगा। झांकी दो भागों में है। ट्रैक्टर पार्ट पर जो हाथ दिखाया गया है,
वह धार्मिक आज़ादी को सुनिश्चित करने का प्रतीक है, जैसे गुरु साहिब ने दूसरे धर्मों की धार्मिक आज़ादी को सुनिश्चित किया। जबकि पीछे खंडा साहिब है। इसके साथ गुरुद्वारा शीश गंज साहिब का मॉडल है, जहां गुरु तेग बहादुर ने मानवता के लिए अपनी शहादत दी। झांकी के साइड पैनलों पर भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दियाल जी की शहादत को दिखाया गया है।
सीएम पंजाब की झांकी के बारे में बताते हुए। फाइल फोटो
2024 में झांकी को लेकर हुआ था विवाद
इस बार पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस मनाया था। इस दौरान श्री आनंदपुर साहिब में एक दिन के लिए विधानसभा का आयोजन किया गया था। वर्ष 2024 में जब कर्तव्य पथ की परेड में पंजाब की झांकी को शामिल नहीं किया गया था, उस समय काफी बवाल हुआ था।
पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को पंजाब के साथ भेदभाव का मामला बताया था, क्योंकि यह झांकी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और चंद्रशेखर आज़ाद पर आधारित थी। उस समय दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की सरकार थी। ऐसे में पंजाब सरकार ने उक्त झांकी को दिल्ली और पंजाब के सभी शहरों और गांवों में प्रदर्शित किया था।
इसमें पंजाब सरकार के सभी मंत्री गांव-गांव और शहरों में गए थे। उसके बाद से लगातार पंजाब की झांकी शामिल हो रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने उस समय साफ किया था कि झांकी चयन के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसने यह तय किया है। कमेटी के मानकों के मुताबिक झांकी को तैयार नहीं किया गया था।

इस झांकी को 2019 में तीसरा अवॉर्ड मिला था। फाइल फोटो
तीन बार झांकी को मिल चुका है अवॉर्ड
पंजाब की झांकी को तीन बार अवॉर्ड मिल चुका है। अप्रैल 2019 में हुए जलियांवाला हत्याकांड की शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर एक विनम्र श्रद्धांजलि को समर्पित झांकी को 2019 में तीसरा अवॉर्ड मिला था।यह पुरस्कार नई दिल्ली में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रदान किया गया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तत्कालीन सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने निदेशक अनींदिता मित्रा के साथ इसे ग्रहण किया थी। विभाग को 1967 और 1982 में भी तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था।
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