पटियाला में रविवार को पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की स्टेट लेवल बैठक हुई। बैठक के दौरान पैट्रन कमल कुमार, चेयरमैन बलविंदर सिंह राठ ने कहा कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को बड़ा फायदा पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग का निजीकरण करना चाहती है। सरकार किलोमीटर स्कीम के लिए बार-बार टेंडर ला रही थी, संगठन लगातार इसका विरोध कर रहा था। हमने किलोमीटर स्कीम को घाटे में साबित करने के लिए मीटिंग में ठोस सबूत दिए हैं, लेकिन सरकार सबूतों को नजरअंदाज कर निजीकरण की तरफ बढ़ रही है। सरकार अपने मकसद को पूरा करने के लिए गैर-कानूनी आरोपों में यूनियन के साथियों को जेल में भेजा। इन साथियों को जेल में बंद हुए लगभग 58 दिन हो गए हैं।
इसके विरोध में यूनियन 26 जनवरी को पंजाब के सभी डिप डिपो के गेट पर रैलियां करेगी। क्योंकि 26 जनवरी को भारत में संविधान लागू हुआ था, सरकार उस संविधान की भावना का उल्लंघन कर रही है। उस दिन काले रिबन बांधकर गेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। अगर सरकार ने 28 जनवरी की मीटिंग में मांगों का हल नहीं निकाला तो यूनियन तुरंत मीटिंग करके संगरूर में पक्का धरना देने समेत तीखे संघर्ष का ऐलान करेगी। 9 फरवरी को गेट रैली होगी, 11 फरवरी को डिपो में सभी बसें बंद रहेंगी और 12 फरवरी को पंजाब के मुख्यमंत्री के घर पर आम हड़ताल की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार और मैनेजमेंट की होगी।
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