औद्योगिक राजधानी लुधियाना में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने रविवार को भारत के पहले हाईवे-शहरी संगठित पार्किंग पायलट प्रोजेक्ट का विधिवत उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। यह मॉडल एलिवेटेड हाईवे के साथ और नीचे खाली पड़ी जगहों का वैज्ञानिक व संगठित उपयोग करेगा। क्या है प्रोजेक्ट की खासियत? “लुधियाना की ट्रैफिक समस्या का समाधान” मीडिया से बातचीत में मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहर की लंबे समय से चली आ रही पार्किंग की कमी और सड़क किनारे अव्यवस्था को काफी हद तक कम करेगा। उन्होंने कहा कि “रोजाना आने-जाने वालों, व्यापारियों और निवासियों को सुरक्षित और संगठित पार्किंग सुविधा मिलेगी। इससे ट्रैफिक अनुशासन सुधरेगा और सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।” मंत्री अरोड़ा ने बताया कि यह मॉडल भविष्य में पंजाब के अन्य शहरों और देशभर में भी लागू किया जा सकता है। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई मंत्री अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जन-केंद्रित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर लुधियाना सहित अन्य शहरों में भी आधुनिक और टिकाऊ परियोजनाएं लाएगी। क्यों है यह प्रोजेक्ट खास? -हाईवे के नीचे खाली जगह का सुनियोजित उपयोग -ट्रैफिक जाम और अवैध पार्किंग पर नियंत्रण -शहरी योजना का आधुनिक मॉडल -भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर दोहराने योग्य संरचना इस पहल के साथ लुधियाना संगठित शहरी पार्किंग मॉडल अपनाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट शहर को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित महानगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
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