पंजाब के लुधियाना के कस्बा जगराओं रायकोट क्षेत्र में दिवाली 2024 की रात किसान नेता अमनदीप सिंह उर्फ अमना पंडोरी की हुई हत्या के मामले में पुलिस ने 14 महीने से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रायकोट के दशमेश नगर निवासी गुरविंदर सिंह उर्फ जश्न के रूप में हुई है। थाना सिटी रायकोट के एएसआई गुरसेवक सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी हत्या के बाद से फरार था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया। यह उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई धरना-प्रदर्शन किए थे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भी कई बार लिखित शिकायतें सौंपी थीं। यह घटना दिवाली की रात रायकोट स्थित डकौंदा किसान जत्थेबंदी के दफ्तर में हुई थी। किसान नेता दानवीर सिंह चीना उर्फ डीसी नूरपुरा ने अमनदीप सिंह उर्फ अमना पंडोरी को झगड़े के लिए बुलाया था। इसी दौरान डीसी नूरपुरा ने अमना पर दो गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली अमना के सिर में लगी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक अमना पंडोरी के भाई और मामले के शिकायतकर्ता हरदीप सिंह पंडोरी के अनुसार, पहली गोली निशाने से चूक गई थी। इसके बाद जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी ढट्ट ने डीसी नूरपुरा को उकसाया और कहा, “सर में गोली मारो।” जस्सी ढट्ट के कहने पर दूसरी गोली अमना के सिर में मारी गई, जिससे उसकी तत्काल मृत्यु हो गई। 9 आरोपी किए थे नामजद हरदीप सिंह पंडोरी के बयानों के आधार पर थाना सिटी रायकोट में पुलिस ने डीसी नूरपुरा और जस्सी ढट्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में पूछताछ के बाद गग्गी, राजा, बूटा सिंह और जश्न सहित कुल 9 आरोपियों को नामजद किया गया था। हालांकि, पुलिस द्वारा 90 दिनों के भीतर चालान पेश न किए जाने के कारण एक आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई थी। इस गंभीर लापरवाही को लेकर तत्कालीन एसएसपी नवनीत सिंह बैंस ने एसएचओ पर कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद फरवरी 2025 को थाना सिटी रायकोट के इंचार्ज इंस्पेक्टर करमजीत सिंह को ससपेंड कर दिया था।
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