इसके बाद इस मामले में पार्टी प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग का बयान सामने आया। उन्होंने चन्नी को दोटूक जवाब दिया कि 2 सीटों से चुनाव हारने के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें सांसद बनाया। रंधावा सीएम बनने वाले थे लेकिन चन्नी को बनाया गया। उन्हें तो ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। राजा वड़िंग ने मीडिया से बातचीत में कहा- CWC का सबसे बड़ा पद होता है, उसके मेंबर चरणजीत चन्नी हैं। चन्नी तो ये बात कह ही नहीं सकते। उनके पास तो सबसे बड़ा पद है। चन्नी को जब CLP बनाया गया तो सुनील जाखड़ को उतारा गया। चन्नी दोनों जगह से विधानसभा चुनाव हारे थे फिर भी जालंधर से सांसद बनाया। चन्नी लोकसभा की एग्रीकल्चर कमेटी के भी चेयरमैन हैं। सुखजिंदर रंधावा मुख्यमंत्री बन रहे थे लेकिन चरणजीत चन्नी को बनाया गया। दलित हमारे सिर का ताज हैं और रहेंगे। हमारी सेक्युलर पार्टी है। पंजाब सेक्युलर स्टेट है, यहां जात-पात नहीं है।
बीजेपी में शामिल होने का न्याेता दिया जैसे ही चन्नी के बयान राजनीति गर्माई को इस मामले में बीजेपी भी कूद पड़ी। बीजेपी ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि चन्नी ने कहा था कि वह कांग्रेस में रहेंगे और कांग्रेस के सच्चे सिपाही है। मैं किसी अन्य पार्टी के बारे में सोच नहीं सकता हूं।
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