फरीदकोट जिले में अतिरिक्त जिला और सेशन जज की कोर्ट ने वारिस पंजाब दे संस्था के पूर्व कोषाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह हरीनौ की हत्या के मामले में 12 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए है। इस मामले में एसआईटी ने असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद श्री खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और विदेश में बैठे आतंकी अर्श डल्ला समेत 17 को नामजद किया था। बता दे कि मामले मे12 को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की हुई थी। इस केस में सभी पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी यूएपीए की गंभीर धाराएं भी लगाई हुई हैं। गुरप्रीत की गोली मारकर हुई थी हत्या गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2024 को गुरप्रीत सिंह हरीनौ की उसके गांव में अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने जांच के बाद 17 लोगों को नामजद किया था। इस केस में सांसद अमृतपाल सिंह ,आतंकी अर्श डल्ला समेत 5 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। सांसद असम जेल में है, जबकि बाकी 4 आरोपी विदेशों में बैठे हैं। अमृतपाल के भुल्लर व डल्ला से लिंक पुलिस जांच के अनुसार, मृतक गुरप्रीत सिंह को अमृतपाल सिंह के गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और आतंकी अर्श डल्ला के साथ तथाकथित संबंधों की जानकारी थी। इसी वजह से उसकी हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने यह भी कहा कि अमृतपाल सिंह ने सार्वजनिक तौर पर खुद को वारिस पंजाब दे का नेता बताया, लेकिन वह संगठन का आधिकारिक सदस्य नहीं था। फरीदकोट कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए और कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ न तो पूछताछ की गई और न ही चार्जशीट दाखिल हुई। 3 फरवरी को अगली सुनवाई वकीलों ने दलील दी कि अधूरी जांच के कारण ट्रायल प्रभावित हो रहा है। आरोप तय होने के बाद पुलिस को अब जांच पूरी कर अमृतपाल सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चालान दाखिल करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
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