जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) एक बार फिर विवादों में है। सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में मुहाना मंडी के पास हाजियावाला स्थित 20 वर्ष पुरानी कौशल्या विहार कॉलोनी के मुख्य रास्ते को बंद करने की तैयारी से कॉलोनीवासियों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि जेडीए क
यह मामला जेडीए के जोन-8 का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी मुख्य सड़क से महज 50 फीट की दूरी पर स्थित है और वर्षों से उपयोग में आ रहा रास्ता अब अचानक बंद किया जा रहा है। कॉलोनी पहले से आबाद है, बावजूद इसके जेडीए किसी भी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना रास्ता रोकने पर आमादा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जताया विरोध
कॉलोनीवासियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पीड़ा मीडिया के सामने रखी। कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर चौधरी ने बताया कि हाजियावाला गांव में स्थित कौशल्या विहार कॉलोनी के बाहर से करीब 200 साल पुराना कच्चा रास्ता गुजरता है, जिसे अब जेडीए बंद कर दीवार बनाने की तैयारी कर रहा है।
सरकारी जमीन पर दुकानें, कॉलोनी के रास्ते पर दीवार!
निवासी नंदलाल जांगिड़ ने आरोप लगाया कि जेडीए की ही स्वर्ण विहार आवासीय योजना के तहत लोगों ने प्लॉट इस विश्वास के साथ खरीदे थे कि यहां 100 फीट चौड़ा रास्ता रहेगा। लेकिन सरकारी भूमि पर कॉमर्शियल दुकानें काटकर बेच दी गईं, बची हुई जमीन पर एसटीपी लाइन डाली जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी जमीन बेची जा सकती है और किसानों की जमीन अधिगृहीत की जा रही है, तो कॉलोनी के लिए रास्ता देना क्यों संभव नहीं?
आबादी के बीच बन रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र अब घनी आबादी वाला हो चुका है। इसके बावजूद जेडीए कॉलोनियों के बीच सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कर रहा है। हालांकि लोगों ने विकास के नाम पर इसका विरोध नहीं किया, लेकिन अब कॉलोनी का एकमात्र रास्ता बंद करने की योजना से डर और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं।
50 फीट सरकारी जमीन से दिया जा सकता है रास्ता
कॉलोनी निवासी रामजीलाल कुमावत ने बताया कि मुख्य सड़क के समानांतर करीब 50 फीट चौड़ी सरकारी जमीन खाली पड़ी है। इसी जमीन पर एसटीपी कर्मचारियों के लिए क्वार्टर बनाने की योजना है और यहीं से कॉलोनी का रास्ता बंद करने के लिए दीवार खींची जा रही है।
वहीं पुष्पेंद्र टेलर ने कहा कि कॉलोनीवासी जेडीए कार्यालयों और मुख्यमंत्री आवास तक कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि जेडीए चाहे तो मात्र 50 फीट सरकारी जमीन छोड़कर कॉलोनी को रास्ता दे सकता है, लेकिन जिद के चलते एक बसी-बसाई कॉलोनी को परेशानी में डाला जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
कॉलोनीवासियों ने साफ कहा है कि यदि रास्ता बंद किया गया तो वे मजबूरन आंदोलन करेंगे। लोगों का कहना है कि जिस जेडीए का काम आमजन को सुविधाएं देना है, वही आज उनके जीवन को मुश्किल बना रहा है।
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