भाई का हत्यारे को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम से अरेस्ट किया है।
गुरुग्राम के सुखराली में पुलिस ने एक ऐसे अपराधी को अरेस्ट किया है। जिसने 26 साल पहले अपने भाई की हत्या की थी। उसे उम्रकैद की सजा भी सुनाई, लेकिन जमानत लेकर वह फरार हो गया। कोर्ट द्वारा बार बार उसे पेश होने के नोटिस जारी किए, लेकिन वह छिपा रहा। दिल्ली
आरोपी की पहचान बिहार के रहने वाले भीम महतो के रूप में हुई है। उस पर थाना नबी करीम में साल 1999 में अपने सगे भाई किशन महतो की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में साल 2002 में तीस हजारी कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में अपील लंबित रहने के दौरान उसे जमानत मिल गई थी।
पुलिस को सूचना मिली की पूजा कॉलोनी, सुखराली एन्क्लेव, सेक्टर-17 के एक मकान में वह छिपा हुआ है।
आधी रात को आया काबू
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 2 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिली की पूजा कॉलोनी, सुखराली एन्क्लेव, सेक्टर-17 के एक मकान में वह छिपा हुआ है। एसआई नीरज राठी, हेड कांस्टेबल महेश और हेड कांस्टेबल जगसोरन की टीम ने देर रात ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ लिया। इस कार्रवाई में स्थानीय इनपुट और तकनीकी निगरानी की अहम भूमिका रही।
जमानत की अपील खारिज होने पर सर्च अभियान चलाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2025 को उसकी अपील खारिज कर दी और उसे 5 नवंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, आरोपी पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया। पुलिस टीम ने आरोपी के बिहार स्थित पैतृक गांव और दिल्ली-एनसीआर में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी।
तीन महीने सुखराली की गलियां खंगाली
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी निधिन वाल्सन ने बताया कि तीन महीने पहले आरोपी की लोकेशन गुरुग्राम के सुखराली गांव के आसपास ट्रेस की गई। मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद ली गई तो उसकी लोकेशन बदलती रहती थी। पुलिस को सुखराली की गलियां खंगाली, क्योंकि यहां पर छोटी छोटी गलियां हैं और प्रॉपर लोकेशन मिलना मुश्किल होता है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.