धार पुलिस ने बिजली तार चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मुकेश पिता शेरसिंह कटारा के रूप में हुई है, जो पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 हजार रुपये बताई जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी राजेश यादव, निसरपुर चौकी प्रभारी रवि वास्के, सहायक उप निरीक्षक भुवान चौहान, शंकरसिंह तोमर, थानसिंह जमरा तथा साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत गुंजाल सहित पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा।
अक्तूबर में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, बीते वर्ष अक्टूबर माह में चिखल्दा के कनिष्ठ यंत्री भारत निहरता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम बैडवालिया–मसानिया रोड पर ग्याटराह स्थित वीके फीडर के समीप से लगभग तीन किलोमीटर लंबे एल्युमिनियम विद्युत तार चोरी हो गए हैं। सिंचाई के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
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15 वारदातों का हुआ खुलासा
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी मुकेश ने अपने साथियों रहेश मोहरे, विशाल, संजय और अविनाश के साथ मिलकर धार एवं खरगोन जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 15 चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने बताया कि उसने मनावर में 5, धरमपुरी में 5 तथा धामनोद, सागौर, तिरला और महेश्वर में एक-एक चोरी की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा चौकरी सिंघाना, उमरबन और बाकानेर क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातें की गई थीं।
निसरपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध अविनाश उर्फ छोटू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। गिरोह के अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में हैं, जबकि मुकेश फरार चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी किए गए बिजली तारों को धामनोद के कबाड़ी हेमंत शर्मा को बेचते थे। मामले में आगे की जांच जारी है।
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