एक्सपर्ट गौतम कुमार ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी, जिसे 1 दिसंबर 2018 से लागू माना गया. इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता देना है. योजना के तहत भूमि धारक किसान परिवार पात्र माने जाते हैं, जिनका नाम राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है. हालांकि आयकरदाता, उच्च आय वर्ग और कुछ अन्य श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है. भूमि धारण की पात्रता के लिए कट-ऑफ तिथि 1 फरवरी 2019 तय की गई थी.
हर साल 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है
पीएम किसान योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है. यह राशि तीन बराबर किश्तों में सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. इसी कारण आधार और बैंक खाते की सही जानकारी के साथ ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है, ताकि राशि सही लाभार्थी तक पहुंचे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो.
ई-केवाईसी क्या है और क्यों है जरूरी
गौतम कुमार ने बताया कि ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर एक आधार आधारित, कागज रहित पहचान सत्यापन प्रक्रिया है. इसके जरिए किसान की पहचान और पात्रता की पुष्टि की जाती है. सरकार का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों को रोकना और वास्तविक किसानों को समय पर योजना का लाभ देना है. बिना ई-केवाईसी के पीएम किसान की अगली किश्त रोकी जा सकती है.
ओटीपी से घर बैठे करें ई-केवाईसी
गौतम कुमार ने बताया कि जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हुआ है, वे ओटीपी आधारित ई-केवाईसी घर बैठे कर सकते हैं. इसके लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई-केवाईसी विकल्प चुनना होता है. आधार नंबर डालने के बाद मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करते ही प्रक्रिया पूरी हो जाती है. यह तरीका सबसे आसान और समय बचाने वाला है.
जिन किसानों के आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या राज्य सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करवा सकते हैं. वहां ऑपरेटर आधार आधारित फिंगरप्रिंट या आईरिस सत्यापन के जरिए ई-केवाईसी पूरी करता है. इसके लिए किसान को आधार कार्ड साथ ले जाना जरूरी है.
मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन की भी है सुविधा
पीएम किसान मोबाइल ऐप के जरिए भी ई-केवाईसी की सुविधा दी गई है. किसान ऐप डाउनलोड कर लॉगिन करते हैं और फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं. यह तरीका उन किसानों के लिए उपयोगी है जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं. किसान किसी भी माध्यम से ई-केवाईसी पूरी करें, उसकी स्थिति 24 घंटे बाद पोर्टल पर दिखने लगती है. किसान पीएम किसान पोर्टल या किसान मित्र एआई चैटबॉट के जरिए अपना स्टेटस देख सकते हैं. समय पर ई-केवाईसी कराकर किसान न केवल अपनी किश्त सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से भी बच सकते हैं.
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