पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र स्त्री रोग विशेषज्ञ के सेवा देने से मना करने से सीमांत जिले की महिलाओं के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की दिक्कत बढ़ गई है। संबंधित चिकित्सक ने अनुबंध पर मरीजों का इलाज करने में असमर्थता जताई है। ऐसे में 10 फरवरी से सीमांत जिला महिला रोग विशेषज्ञ विहीन हो जाएगा और महिलाओं को इलाज मिलना बंद हो जाएगा।
जिला अस्पताल के महिला अस्पताल में तैनात एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ का अनुबंध 10 फरवरी को खत्म हो जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, संबंधित विशेषज्ञ अब अनुबंध पर कार्य नहीं करेंगी। इसके पीछे उन्होंने निजी कारण बताए हैं। जिले की लगभग तीन लाख की महिला आबादी के इलाज के लिए सिर्फ यही विशेषज्ञ तैनात हैं।
महिला अस्पताल में रोजाना लगभग 450 से अधिक गर्भवतियां और अन्य महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में साफ है कि संबंधित विशेषज्ञ का अनुबंध खत्म होते ही जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में महिलाओं को इलाज नहीं मिलेगा। गर्भवतियों को जांच और प्रसव के लिए तो अन्य महिलाओं को इलाज के लिए भटकना होगा। अनुबंधन खत्म होने की तिथि नजदीक आते ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ने लगी है।
महिला रोग विशेषज्ञ के दो पद रिक्त
जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के तीन पद स्वीकृत हैं। एक पद पर स्थायी तो एक पद पर अनुबंध पर विशेषज्ञ की नियुक्ति है जबकि एक पद अब तक भी रिक्त है। स्थायी स्त्री रोग विशेषज्ञ छह महीने के लिए मेटरनिटी लीव पर हैं। अब अन्य विशेषज्ञ का अनुबंध खत्म होने से वह भी सेवा छोड़कर जाएंगी जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने की आशंका है।
महिला अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ का अनुबंध जल्द होगा। रिक्त पदों की सूचना भेजकर निदेशालय से एक महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए निदेशालय से अनुरोध किया गया है। – डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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