हैदराबाद में 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक आयोजित इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (IRIA) की 78वीं वार्षिक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में पीजीआई, चंडीगढ़ के डॉक्टरों और रेजिडेंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई अहम पुरस्कार अपने नाम किए। रेडियोडायग्नोसिस एंड इमेजिंग विभाग के प्रमुख और IRIA चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि इस सम्मेलन में PGI के फैकल्टी और रेजिडेंट्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई और संस्थान का नाम रोशन किया। डॉ. कालरा ने दिया प्रतिष्ठित ओरशन
कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रो. नवीन कालरा ने ‘सर जेसी बोस ओरशन’ प्रस्तुत किया। उन्होंने लीवर में MR इलास्टोग्राफी की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। यह तकनीक फैटी लिवर के मरीजों में फाइब्रोसिस की गंभीरता जांचने का एक आधुनिक तरीका है, जिससे मरीजों के इलाज में अहम बदलाव संभव है। अभी तक इन मरीजों में मुख्य रूप से फाइब्रोस्कैन का उपयोग किया जाता रहा है। डॉ. उज्ज्वल गोर्सी ने ‘डॉ. एच. सतीश चंद्रा ओरशन’ दिया। उन्होंने इमेज गाइडेड परक्यूटेनियस पंक्चर और स्यूडो एन्यूरिज्म की एंबोलाइजेशन तकनीक पर प्रकाश डाला। यह एक नई और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है, जो आंतरिक अंगों से हो रही ब्लीडिंग के मामलों में उपयोगी साबित हो सकती है, खासकर तब जब एंडोवैस्कुलर ट्रीटमेंट संभव न हो। फेलोशिप और बेस्ट रिव्यूअर अवॉर्ड
डॉ. चिराग आहूजा और डॉ. पंकज गुप्ता को इंडियन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी की फेलोशिप से सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. महेश प्रकाश को इंडियन जर्नल ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग (IJRI) के लिए बेस्ट रिव्यूअर अवॉर्ड प्रदान किया गया।
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