पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने साफ कहा कि सोने और चांदी के दाम भारत या बिहार के व्यापारी तय नहीं करते, बल्कि यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करता है. अध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार, पिछले तीन-चार महीनों से सोने-चांदी की कीमतों पर नजर डालें तो साफ दिखेगा कि लगातार तेज बढ़ोतरी हो रही है. उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में भी यही रुझान बना रह सकता है.
चीन के फैसले से बिगड़ा संतुलन
अध्यक्ष विनोद कुमार आगे बताते हैं कि चांदी की कीमतों में अचानक आई तेजी की सबसे बड़ी वजह चीन का चांदी निर्यात पर रोक लगाना है. उनका कहना है कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा चांदी निर्यातक रहा है. कई देशों को चांदी की सप्लाई करता था, लेकिन अब चीन ने निर्यात पर अंकुश लगाते हुए सप्लाई को सीमित कर दिया है. इसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है. बाजार में चांदी की उपलब्धता कम हो गई है, जबकि मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी कारण पटना समेत देशभर के बाजारों में चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं.
इंडस्ट्रियल डिमांड ने बढ़ाया दबाव
विनोद कुमार ने बताया कि आज के आधुनिक दौर में चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रह गई है. सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. सोलर पैनल निर्माण में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है. एक तरफ जहां चांदी का उत्पादन सीमित है, वहीं इंडस्ट्रियल डिमांड पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ चुकी है. यही कारण है कि बाजार में चांदी की कमी बनी हुई है और कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं.
सोने के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?
सोने की कीमतों में हो रही तेजी पर बात करते हुए अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि इसकी बड़ी वजह डॉलर की मोनोपोली का कमजोर होना है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े बैंक अब डॉलर की बजाय सोने का भंडारण बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा दुनिया भर में जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता बनी हुई है. ऐसे माहौल में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं और बड़े पैमाने पर इसमें पैसा लगा रहे हैं.
आगे और महंगा हो सकता है सोना-चांदी
पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष का मानना है कि अगर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई-डिमांड का असंतुलन ऐसे ही बना रहा तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी तय है. फिलहाल पटना के बाजार में चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं. इसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ता साफ नजर आ रहा है.
इस साल अब तक कितना बढ़ा दाम
पटना के ज्वेलरी मार्केट में 2026 में अब तक यानि मात्र 17 दिनों में सोने में 8,400 रूपये प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी में 54,200 रूपये प्रति किलो तक की वृद्धि देखने को मिली है. आने वाले दिनों में तेजी बने रहने का अनुमान है.
फिलहाल पटना के ज्वेलरी बाजार में 24 कैरेट सोने का दाम 1,42,400 रूपये प्रति 10 ग्राम है. जीएसटी जोड़ने पर इसकी कीमत 1,46,672 रूपये प्रति 10 ग्राम हो जाती है. इसी तरह, एक किलो चांदी की बिक्री 2,84,700 रूपये हो रही है. जीएसटी जोड़ने पर इसकी कीमत 2,93,241 रूपये प्रति किलो हो जाती है. जीएसटी जोड़ने के बाद हॉल मार्क वाले चांदी के आभूषणों की बिक्री 2,87,370 रूपये प्रति किलो हो रही है.
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