आईआरसीटीसी ने जल संसाधन विभाग से 25 पैसे प्रति लीटर में पानी खरीदा और उसे बोतल में पैक कर 15 रुपए लीटर में बेचा। पांच साल में 3-4 अलग-अलग ठेका कंपनियों ने सिरगिट्टी स्थित रेल नीर प्लांट को चलाया और करोड़ों रुपए की देनदारी बकाया करके प्लांट को बंद कर दिया। एक साल से यह प्लांट बंद है और इसकी जल संसाधन विभाग की देनदारी 13 करोड़ 67 लाख हो गई है। आईआरसीटीसी के सिरगिट्टी स्थित रेल नीर प्लांट से पांच साल में 90 करोड़ रुपए से ज्यादा का पानी बेचा जा चुका है। एक साल से बंद सिरगिट्टी के रेल नीर प्लांट को चालू कर पाना अब आईआरसीटीसी के लिए संभव नहीं हो पाएगा। क्योंकि 13 करोड़ 67 लाख रुपए की जल संसाधन विभाग की देनदारी देने के बाद प्लांट को नए सिरे से रिनुवल करना, पुराने प्लांट को रिप्लेस करना आसान नहीं है। आईआरसीटीसी एक साल में दो से तीन बाद टेंडर निकालकर इस प्लांट को फिर से ठेके पर देने की कोशिश कर चुकी है लेकिन टेंडर डालने से पहले कंपनियों ने जल संसाधन विभाग कार्यालय जाकर भुगतान का बकाया निकलवाया उसके बाद उन्होंने दोबारा उस तरफ नहीं देखा। 1 दिसंबर 2024 को प्लांट बंद कर दिया गया। 30 नवंबर 2024 तक प्लांट ने जितना पानी भू–गर्भ से उपयोग किया उसकी बकाया राशि वसूली के लिए पिछले एक साल से जल संसाधन विभाग हर महीने कंपनी की बंद फैक्ट्री में बिल भेजकर तगादा कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई जवाब आईआरसीटीसी की तरफ से नहीं मिल रहा है। हर दिन 5 लाख रुपए से ज्यादा का पानी बेचा रेल नीर के सिरगिट्टी प्लांटर में पांच सालों में औसत प्रतिदिन 40 हजार पानी बोतल बेची गई जो कि 5 लाख रुपए प्रतिदिन के लगभग है। आईआरसीटीसी ने जिस–जिस कंपनी को ठेका दिया था अगर उसने इतना पानी बेचा है तो उसे जलकर देने में पीछे नहीं होना था। क्योंकि प्लांट बंद होने तक लगभग 50 हजार पानी बोतल की सप्लाई की गई है। रांची और धनबाद तक भेजते थे पानी रेल नीर प्लांट से प्रतिदिन रांची और धनबाद रेलवे स्टेशन को 18 हजार बोतल, बिलासपुर रेलवे स्टेशन को 18 हजार पानी बोतल, रायपुर और दुर्ग स्टेशन को 14 हजार 400 बोतल, झारसुगड़ा रेलवे स्टेशन को 6 हजार बोतल, बिलासपुर वंदे भारत को 500 एमएल वाला 1680 बोतल, दुर्ग वंदे भारत को 500 एमएल वाला 1680 बोतल सप्लाई की जाती थी। अब तक 90 करोड़ का पानी बेचा आईआरसीटीसी ने
10 करोड़ रुपए के रेल नीर प्लांट में आमदनी और भुगतान का विवाद 2020 में शुरू हुआ था। इन पांच वर्षों में आईआरसीटीसी ने 90 करोड़ रुपए का पानी बेचा फिर भी जल संसाधन विभाग की 13 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया। दर असल यह विवाद आईआरसीटीसी का नहीं है यह उनका है जिन्होंने प्लांट ठेके पर लेकर चलाया। शीघ्र सुलझ जाएगा मामला
बिलासपुर स्थित आईआरसीटीसी के प्लांट को शीघ्र ही चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। उसके टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जहां तक जल संसाधन विभाग की बकाया राशि का मामला है तो इसे भी शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा।
वीके भट्टी, जनसंपर्क अधिकारी आईआरसीटीसी
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