बिहार से नेपाल को जोड़ने वाला प्रस्तावित हाई-स्पीड पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ एक्सप्रेसवे धार्मिक पर्यटन और सीमा पार कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने जा रहा है. करीब 250 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम को काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से जोड़ेगा. इसके बनने के बाद 13-14 घंटे की यात्रा घटकर महज 2-3 घंटे रह जाएगी. परियोजना से धार्मिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही बिहार, झारखंड और नेपाल के बीच व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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बिहार होते हुए झारखंड को नेपाल से जोड़ने वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा.
पटना/देवघर/काठमांडू. भारत और नेपाल के बीच धार्मिक व सीमा पार कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है. प्रस्तावित पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ एक्सप्रेसवे के जरिए झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम को नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से सीधे जोड़ने की योजना बनाई गई है. इस योजना का लाभ बिहार के शहरों को भी मिलेगा. करीब 250 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से दोनों प्रमुख तीर्थस्थलों के बीच यात्रा समय 13-14 घंटे से घटकर लगभग 2-3 घंटे रह जाने की उम्मीद है. बिहार के पथ निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विधानसभा में जारी देते हुए कहा कि बिहार होते हुए झारखंड को नेपाल से जोड़ने वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा.
दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह परियोजना भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संपर्क को नई गति देगी. राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को केंद्र के पास भेज दिया है. मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 8,260 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को भी प्रमुख योजना माना जा रहा है.