Curiosity Talk Patna: नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा को रटंत से निकालकर जिज्ञासा, अनुभव और कौशल से जोडने की दिशा में पटना में एक महत्वपूर्ण पहल हुई. पटलीपुत्र सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स की ओर से संत माइकल हाई स्कूल में द क्यूरियोसिटी टॉक प्रिंसिपल्स एवं साइंस HoDs मीट का आयोजन किया गया, जहां देश के शिक्षाविदों ने कक्षा कक्ष में जिज्ञासा आधारित और वास्तविक जीवन से जुडी शिक्षा पर मंथन किया. यह संवाद शिक्षकों की भूमिका, बच्चों की सोच और भविष्य की शिक्षा को नए नजरिये से देखने का मंच बना.
पटना में जिज्ञासा आधारित शिक्षा पर राष्ट्रीय मंथन
सीबीएसई और अगस्त्य फाउंडेशन का सहयोग
जिज्ञासा ही विकास की नींव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीबीएसई निदेशक प्रशिक्षण मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों का सबसे बडा दायित्व बच्चों में जिज्ञासा जगाना है. उन्होंने कहा कि सभ्यता का विकास जिज्ञासा से ही संभव हुआ है. विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में नई शिक्षा नीति की भूमिका अहम है. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि बच्चों के सवालों को दबाने के बजाय उन्हें दिशा दें और उनके परिवेश को समझें.
बदलते समय में बदलता शिक्षक
सीबीएसई क्षेत्रीय अधिकारी पटना गोपाल लाल यादव ने कहा कि बदलती दुनिया के साथ शिक्षकों को भी बदलना होगा. बच्चों से पहले शिक्षकों में जिज्ञासा जरूरी है. ज्ञान का सबसे बडा स्रोत वातावरण है और सकारात्मक माहौल ही बच्चों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है.
CBSE और अगस्त्य फाउंडेशन के साथ पटना में नई शिक्षा पर बड़ा संवाद
दक्षता आधारित शिक्षा पर जोर
सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख राजीव सिन्हा ने दक्षता आधारित शिक्षा की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया. उन्होंने कहा कि शिक्षा को रटंत से आगे बढाकर समझ, अनुप्रयोग और चिंतन तक ले जाना समय की मांग है.
अगस्त्य मॉडल ने खींचा ध्यान
अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के CEO रामजी राघवन ने अगस्त्य की यात्रा साझा करते हुए कहा कि हाथों से सीखने की प्रक्रिया बच्चों की सोच बदल देती है. उन्होंने अगस्त्य के तीन शब्दों आह आहा और हा हा के माध्यम से आश्चर्य समाधान और खुशी की अवधारणा को समझाया. मुख्य सलाहकार नितिन देसाई ने कहा कि विश्वास और रचनात्मकता के साथ मिले अवसर बच्चों की असाधारण क्षमताओं को सामने लाते हैं.
शिक्षा को नए नजरिये से देखने का संकल्प
कार्यक्रम का संचालन पाटलिपुत्र सहोदय स्कूल परिसर( Patliputra Sahodaya School Complex) की सचिव श्रीमती इंशा रहमान ने किया. अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि बच्चों के सवालों को अनुशासनहीनता न समझा जाए. ज्ञान अब केवल कक्षा तक सीमित नहीं है. कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सहभागी विद्यालय इस सोच को कक्षा कक्ष की हकीकत बनाएंगे.
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