मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुरुवार को गिरिडीह जिले के विश्व प्रसिद्ध पारसनाथ धाम में सैकड़ों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। झारखंड के गिरिडीह, बोकारो, धनबाद सहित आसपास के कई जिलों से पहुंचे इन श्रद्धालुओं ने पर्वत यात्रा कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल कामनाओं की प्रार्थना की। सुबह से ही पारसनाथ यात्रा के लिए मधुबन मुख्य मार्ग और आसपास की सड़कों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे लगातार पारसनाथ पहाड़ की ओर बढ़ते रहे। मधुबन से लेकर पारसनाथ पर्वत की चोटी तक ‘जय पारसनाथ’ के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। मेला समिति और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था मकर संक्रांति के अवसर पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मकर संक्रांति मेला समिति और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। जगह-जगह बैरिकेडिंग, ट्रैफिक कंट्रोल और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासनिक कर्मी मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने दिनभर निगरानी कर किसी भी अव्यवस्था को रोका। खेल-तमाशे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे पारसनाथ की कठिन यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं ने मेला परिसर में भी समय बिताया। मेला में चाट, चाउमीन, मिठाई, पकौड़ी सहित विभिन्न खाने-पीने की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए लगे आकर्षक झूले, चरखी और अन्य खेल-तमाशे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। शाम होते-होते मेला परिसर रोशनी से जगमगा उठा और लोगों की चहल-पहल और बढ़ गई। पूरे दिन पारसनाथ क्षेत्र श्रद्धा, उत्साह और मेले की रौनक से गुलजार रहा। मकर संक्रांति पर पारसनाथ में उमड़ी यह भीड़ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को भी मजबूती प्रदान करती दिखी।
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