बाजार में इस किस्म की सबसे अधिक मांग
विशेषज्ञों के अनुसार, रेड लेडी पपीता में मिठास अधिक होती है. फल आकार में आकर्षक होते हैं और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है. इसी वजह से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के बीच रेड लेडी पपीता की डिमांड लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान सही तकनीक और देखभाल के साथ इसकी खेती करें, तो कम समय में अच्छा उत्पादन लेकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
पौधा रोपने का सबसे सही समय
कृषि विशेषज्ञ संजय यादव ने बताया कि रेड लेडी की रोपाई फरवरी-मार्च में या फिर मानसून के दौरान अच्छी बारिश की संभावना होने पर करनी चाहिए. इस समय रोपाई करने से पौधों की बढ़वार तेज होती है और फसल जल्दी सफल होती है.
नर-मादा पौधों का संतुलन जरूरी
पपीते की खेती में पौध तैयार करते समय नर और मादा फूलों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है. संतुलन सही रहने पर पौधों में फल अच्छी तरह लगते हैं और उत्पादन बेहतर होता है. असंतुलन की स्थिति में फलन प्रभावित हो सकता है.
खेत के समय इतनी रखें गड्ढों की दूरी
खेती की शुरुआत से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाया जाता है. इसके बाद पौधों के लिए गड्ढे तैयार किए जाते हैं. गड्ढों की दूरी 6×6 फीट या 8 से 10 फीट रखनी चाहिए. प्रत्येक गड्ढा लगभग 60 सेंटीमीटर लंबा, चौड़ा और गहरा होना चाहिए.
मिट्टी और खाद का सही चयन
गड्ढे तैयार होने के बाद उनमें अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद और उपजाऊ मिट्टी मिलाकर पौध रोपण करना चाहिए. पपीते की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. 25 से 30 डिग्री तापमान में पपीते के पौधों की बढ़वार सबसे अच्छी होती है.
एक एकड़ में 100 टन उपज
यदि किसान सभी तकनीकी बातों का सही ढंग से पालन करें तो एक एकड़ में 50 से 100 टन तक पपीते का उत्पादन लिया जा सकता है. बाजार में पपीते की सालभर अच्छी मांग रहती है. वर्तमान समय में पपीता 40 से 50 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है.
फल देने का समय क्या है?
पपीते का पौधा आमतौर पर डेढ़ से दो साल में पूरी तरह फल देने लगता है. कुछ उन्नत किस्में 13-14 महीनों में ही फल देना शुरू कर देती हैं. शुरुआती अवस्था में जब फूल और फल आते हैं, तब अधिक फल नहीं रखना चाहिए. प्रारंभ में कुछ फल तोड़ देना पौधे के स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है. दो से तीन साल की उम्र में पौधा अधिक उत्पादन देने लगता है.
इन किस्मों पर करें भरोसा
वर्तमान में पपीते की कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं, जिनमें रेड लेडी (ताइवान), पूसा नन्हा, पूसा रेड लेडी और बीएआर की किस्में काफी लोकप्रिय हैं. खासतौर पर रेड लेडी किस्म स्वाद में बेहतर होने के कारण बाजार में ज्यादा पसंद की जाती है और किसानों को इससे अच्छा मुनाफा मिल रहा है.
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