मुख्यमंत्री उड़न दस्ता (हरियाणा) ने पानीपत में एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर ट्रांसपोर्टरों और कोरियर कंपनियों को डरा-धमकाकर लाखों रुपए की वसूली कर रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने विभाग के कई इंस्पेक्टरों और ईटीओ (ETO) के साथ अपनी मिलीभगत की बात कबूल की है। गुप्त सूचना पर सेठी चौक से गिरफ्तारी सीएम फ्लाइंग स्क्वाड को सूचना मिली कि बिंजौल गांव का रहने वाला मनमोहित नाम का व्यक्ति टाटा हैरियर गाड़ी (HR03AA2634) में फर्जी सेल टैक्स इंस्पेक्टर बनकर घूम रहा है। टीम ने सेठी चौक पर जाल बिछाया और उसे काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसकी गाड़ी से फर्जी नंबर प्लेटें बरामद हुईं। हैरान कर देने वाला फर्जीवाड़ा आरोपी के पास से हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग का एक फर्जी पहचान पत्र (ID Card) मिला, जिस पर उसका नाम ‘इंस्पेक्टर’ के तौर पर दर्ज था। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यह फर्जी आईडी कार्ड अपने गांव के सीएससी सेंटर से बनवाया था ताकि वह चेकिंग के दौरान ट्रांसपोर्टरों पर रौब जमा सके। अधिकारियों के साथ ‘सेटिंग’ और करोड़ों का चूना पूछताछ में मनमोहित ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह सेल टैक्स अधिकारियों के साथ मिलकर गाड़ियां पकड़वाता था। ट्रांसपोर्टरों को ज्यादा जुर्माने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूली जाती थी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में जुर्माना कम दिखाया जाता था। आरोपी ने पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला के कई अधिकारियों के नाम लिए हैं, जिनमें रमेश मांडी, अभिनव पूनिया (इंस्पेक्टर), हंसलाल (ETO), और अन्य जिलों के अधिकारियों के साथ मिलीभगत की बात कही है। वसूली गई राशि आरोपी और उसके परिवार के बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, जिसे बाद में कैश निकालकर अधिकारियों में बांट दिया जाता था। कानूनी कार्रवाई आरोपी के मोबाइल से कई व्हाट्सएप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जो इस घोटाले की पुष्टि करती हैं। थाना किला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धाराओं 204, 308(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब विभाग के उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिनका नाम इस फर्जीवाड़े में सामने आया है।
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