विशेष संवाददाता | रांची झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को पाकुड़ में पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन से जुड़े जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई की । इस दौरान झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने स्थल निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट पेश की है। इसमें कहा गया है कि उस क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से सीएसआर के तहत जो काम कराने का दावा किया गया है, उसमें 80 प्रतिशत काम धरातल पर नहीं हुआ है। इसके बाद अदालत ने झालसा की रिपोर्ट पर सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित की है। इससे पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से यह दावा किया गया था कि सीएसआर फंड के 300 करोड़ से खनन क्षेत्र में अस्पताल, सड़क सहित कई जनहित के कार्य कराए गए हैं। सरकार के इस दावे का प्रार्थी राम सुभग सिंह की ओर से विरोध दर्ज कराया गया। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया था कि धरातल पर इस तरह का कोई कार्य नहीं हुआ है। प्रार्थी की आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने झालसा को स्थल जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। मालूम हो कि सरकार ने पूर्व में बताया था कि पैनम कोल कंपनी के खिलाफ 118 करोड़ रुपए की वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस दर्ज किया गया है।
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