पलवल जिले में सीआईए टीम ने वर्ष 2021 के एक लिंग जांच मामले में पांच साल बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बल्लभगढ़ के रहने वाले इकरम उर्फ समीर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। इस मामले में पहले ही चार अ
सीआईए प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि 20 फरवरी 2021 को जिला प्रशासन को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि कुछ लोग गर्भवती महिलाओं को उत्तर प्रदेश और दिल्ली ले जाकर गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण कराते हैं। इसके लिए प्रति महिला से 40 हजार रुपए वसूले जाते थे।
गर्भवती महिला के माध्यम से जाल बिछाया
सूचना के आधार पर पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीन कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने एक गर्भवती महिला के माध्यम से जाल बिछाया। सौदा तय होने के बाद, 20 फरवरी 2021 को पलवल के आगरा चौक के पास आरोपियों ने 40 हजार रुपए की रकम ली।
आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार
इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए प्रवीन, ओमबीर, रवि उर्फ रविंद्र और करतार को रंगे हाथों पकड़ लिया।आरोपियों से भ्रूण लिंग जांच में इस्तेमाल होने वाली एक संदिग्ध मशीन बरामद की गई। जांच में सामने आया कि ये लोग लंबे समय से इस अवैध कार्य में लिप्त थे और कई लिंग जांच पहले भी करा चुके थे।
वॉट्सऐप चैट से महिलाओं के आधार कार्ड मिले
उनके मोबाइल फोन की वॉट्सऐप चैट से महिलाओं के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र भी मिले। पूछताछ में एक नर्स और अन्य सहयोगियों की संलिप्तता भी उजागर हुई।गिरफ्तार आरोपी ओमबीर ने बताया कि उसने इन महिलाओं का लिंग परीक्षण इकरम उर्फ समीर के माध्यम से दादरी (उत्तर प्रदेश) के एक नर्सिंग होम में करवाया था।
5 साल बाद गिरफ्तार
जिसके बाद से इकरम उर्फ समीर के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। अब पांच साल बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।सीआईए पलवल प्रभारी ने बताया कि उनकी टीम ने फरार चल रहे आरोपी इकरम उर्फ समीर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
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