पाली शहर के सार्वजनिक स्थानों पर इस अभियान के तहत एक अलग ही नजारा देखने को मिला. महिला अनुसंधान सेल के प्रभारी एएसपी नरेंद्र सिंह देवड़ा के निर्देशन में कालिका पेट्रोलिंग टीम की महिला कांस्टेबलों ने मोर्चा संभाला. टीम की सदस्य भंवरी, इमरती, राधा, संगीता सहित अन्य महिला पुलिसकर्मियों ने बांगड़ हॉस्पिटल, शहर के प्रमुख स्कूल और कॉलेज, बस स्टैंड तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में राजकॉप सिटीजन ऐप के पोस्टर और पैम्फलेट चस्पा किए. इतना ही नहीं, यह सुरक्षा संदेश अब सड़कों पर दौड़ते बड़े वाहनों और स्कूली बसों पर भी नजर आएगा, ताकि सफर के दौरान भी बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.
सिर्फ ऐप नहीं, सुरक्षा का समाधान
एएसपी नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना है. राजकॉप सिटीजन ऐप को “सिर्फ एप्लिकेशन नहीं, समाधान है” की टैगलाइन के साथ प्रचारित किया जा रहा है. डिजिटल इंडिया मिशन के तहत यह ऐप महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक पैनिक बटन की तरह काम करता है.
ऐप से मिलेगी कई तरह की सुविधाएं
इस ऐप के जरिए आम लोगों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलती हैं. किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर एसओएस पैनिक बटन के माध्यम से तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है. शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जाने की आवश्यकता नहीं होती और शिकायतकर्ता की पहचान भी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है.
इसके अलावा यूजर अपनी शिकायत की स्थिति को रियल टाइम में ट्रैक भी कर सकते हैं. ऐप के माध्यम से किराएदार और घरेलू नौकर का सत्यापन, साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट और पुलिस अधिकारियों की संपर्क निर्देशिका जैसी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.
मुसीबत में कालिका टीम रहेगी साथ
कालिका टीम की महिला पुलिसकर्मियों विनोद कंवर, मनोज कंवर, छोटू कंवर, अनुसूइया और पींकू ने शहरवासियों को यह ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया. पुलिस का संदेश साफ है कि पाली के हर कोने में लगाया गया यह पोस्टर लोगों की सुरक्षा का भरोसा है. अब अपराध होने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि अपराध की आशंका होते ही पुलिस तुरंत मदद के लिए तैयार रहेगी.
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